Outrage After Secretary’s Death: विदिशा में पंचायत सचिव की मौत के बाद फूटा गुस्सा; CM हेल्पलाइन के नाम पर प्रताड़ना का आरोप, संयुक्त संगठनों का प्रदर्शन

VIKASH KHALKHO

Outrage After Secretary’s Death: विदिशा (सुरेंद्र सिंह राजपूत)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के नटेरन तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों में इस वक्त भारी आक्रोश व्याप्त है। दो दिन पूर्व एक ग्राम पंचायत सचिव की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु के बाद से जिले का प्रशासनिक माहौल गरमा गया है। सोमवार 20 जुलाई 2026 को सरपंच संघ, सचिव संघ और ग्राम रोजगार सहायक संघ ने एकजुट होकर व्यवस्था के खिलाफ हल्लाबोल किया।

तीनों संगठनों ने संयुक्त रूप से नटेरन अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों पर सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) के निराकरण को लेकर मातहत कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के बेहद गंभीर और संवेदनशील आरोप लगाए गए हैं।

सीएम हेल्पलाइन बंद कराकर लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, नटेरन तहसील की ग्राम पंचायत घोघरा में पदस्थ सचिव राम सिंह की दो दिन पहले एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि दिवंगत सचिव राम सिंह पिछले कई दिनों से भारी प्रशासनिक दबाव के बीच काम कर रहे थे।

संगठनों के पदाधिकारियों ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया:

अधिकारियों की तानाशाही: “वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को हर हाल में और जबरन बंद कराने के लिए जमीनी स्तर के कर्मचारियों पर दिन-रात अनुचित दबाव बनाया जाता है। अधिकारी यह नहीं देखते कि कर्मचारी की व्यक्तिगत परिस्थितियां क्या हैं। दिवंगत सचिव राम सिंह भी इसी मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। घटना के दिन भी वे देर तक सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को पोर्टल पर बंद कराने का काम कर रहे थे और वहां से थककर घर लौटते समय वे सड़क हादसे का शिकार हो गए।”

संयुक्त संगठनों की प्रमुख मांगें

सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक संघ ने इस दुखद घटना को प्रशासनिक उत्पीड़न का नतीजा बताते हुए सरकार और जिला प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच: पूरे मामले और अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे दबाव की गंभीरता से निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  2. दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई: यदि जांच में किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की लापरवाही या अनावश्यक रूप से मानसिक प्रताड़ना देने की बात सामने आती है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई की जाए।

  3. आर्थिक सहायता एवं अनुकंपा नियुक्ति: मृतक सचिव राम सिंह के पीड़ित परिवार को तत्काल सम्मानजनक आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाए और परिवार के एक आश्रित सदस्य को सरकारी सेवा में अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।

प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन; आंदोलन की चेतावनी

एसडीएम कार्यालय के अधिकारियों ने आक्रोशित पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों से ज्ञापन प्राप्त कर लिया है। प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को आश्वस्त किया गया है कि उनकी मांगों और लगाए गए आरोपों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा तथा पूरे मामले की नियमानुसार निष्पक्ष जांच की जाएगी।

दूसरी ओर, कर्मचारी संगठनों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द ही सहानुभूतिपूर्वक और दंडात्मक कदम नहीं उठाए, तो पूरे विदिशा जिले के पंचायत सचिव और रोजगार सहायक अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन और धरना प्रदर्शन पर उतरने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के ग्रामीण विकास महकमे में शोक और तनाव की स्थिति बनी हुई है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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