बिजनेस डेस्क [Nishanebaaz News]। Egg Price Hike Winter Prediction 2026 के तहत देश में प्याज, चीनी और दालों की बढ़ती कीमतों के बीच अब आम जनता की थाली का मुख्य प्रोटीन स्रोत—अंडा भी तेजी से महंगा होने की राह पर है। पिछले एक साल में देश के भीतर अंडों की कीमतों में पहले ही 35% से 40% तक की वृद्धि हो चुकी है।
नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में फार्म स्तर पर अंडे की कीमत लगभग 7 रुपये प्रति अंडा है, जबकि खुदरा बाजार (Retail Market) में यह 8.50 रुपये से 9 रुपये प्रति अंडा बिक रहा है। बाजार विशेषज्ञों और पोल्ट्री इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, इस साल सर्दियों में प्रीमियम और स्पेशलिटी अंडों की कीमत 20 से 25 रुपये प्रति अंडा तक पहुँच सकती है।
क्यों बढ़ रहे हैं अंडे के दाम? मक्का और इथेनॉल नीति मुख्य कारण
पोल्ट्री उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि अंडों के उत्पादन में आई इस भारी तेजी का सबसे बड़ा कारण मुर्गियों के दाने (पोल्ट्री फीड) की इनपुट कॉस्ट में अभूतपूर्व बढ़ोतरी है:
-
इथेनॉल ब्लेंडिंग का असर: सरकार की 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के कारण डिस्टिलरीज में मक्के की भारी मांग पैदा हुई है। भारत में कुल उत्पादित होने वाले 43.4 मिलियन टन मक्के में से लगभग 17 मिलियन टन (37%) मक्का अब इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल हो रहा है।
-
मक्के के दामों में उछाल: भारी मांग के चलते बीते 3 वर्षों में मक्के की कीमत 14,000 रुपये प्रति टन से बढ़कर 26,500 रुपये प्रति टन तक पहुँच गई है।
-
फीड लागत में बढ़ोतरी: पोल्ट्री फार्मिंग में मुर्गियों के दाने का 60% से 70% हिस्सा मक्के का होता है। इसके साथ ही सोयाबीन मील के दाम बढ़ने से इनपुट कॉस्ट अत्यधिक बढ़ गई है।
क्या हर अंडा 20-25 रुपये में बिकेगा?
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने यह साफ किया है कि 20 से 25 रुपये प्रति अंडे की यह रिकॉर्ड दर सभी साधारण अंडों के लिए नहीं होगी।
-
प्रीमियम और ब्रांडेड अंडे: ऑर्गेनिक, ओमेगा-3 एनरिच्ड और विशेष ब्रांडेड अंडे ही इस उच्चतम स्तर तक पहुँच सकते हैं।
-
साधारण अंडे: साधारण या सामान्य क्वालिटी के अंडों की कीमतें सर्दियों के दौरान 9 से 12 रुपये के बीच बनी रहने की संभावना है।
सर्दियों में मांग बढ़ने से बना रहेगा दबाव
भारत में आमतौर पर सर्दियों की शुरुआत के साथ ही अंडों की घरेलू और व्यावसायिक मांग में तेज उछाल आता है। यदि आगामी महीनों में मक्के और सोयाबीन की कीमतें इसी तरह उच्च स्तर पर बनी रहीं और इथेनॉल डिस्टिलरीज को मक्के की आपूर्ति जारी रही, तो रिटेल मार्केट में अंडों की कीमतों पर दबाव कम होने के आसार नहीं हैं।





