P. Viswanathan Wayanad : तिरुवनंतपुरम/वायनाड। केरल में लोकतंत्र की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। राज्य के सबसे बड़े अनुसूचित जनजाति (पनिया) समुदाय से आने वाले 40 वर्षीय पी. विश्वनाथन ने नगर पालिका चेयरमैन बनकर इतिहास रच दिया है।
विश्वनाथन पेशे से एक चौकीदार और लोक गायक हैं, जो वर्तमान में एक अस्थायी झोपड़ी वाले घर में रहते हैं। उन्होंने वायनाड जिले में सत्ताधारी CPI(M) के कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में सामान्य सीट (वार्ड नंबर 28) से 424 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
विश्वनाथन की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वे अपने पिछड़े समुदाय से इस सर्वोच्च पद पर पहुँचने वाले पहले व्यक्ति हैं। जीत के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपनी झोपड़ीनुमा घर पहुँचकर माता-पिता का आशीर्वाद ले रहे हैं।
अपनी इस यात्रा पर खुशी जताते हुए विश्वनाथन ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य अपने समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और युवाओं को आगे आने के लिए प्रेरित करना है। CPI(M) के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह पद उनके संघर्ष और समर्पण का सम्मान है।









