Nepal Flood: चाय की एक चुस्की ने बचा ली 5 रायपुर यात्रियों की जान! आगे बढ़ते तो हो सकता था बड़ा हादसा

Rahul Goshwami

Nepal Flood Raipur Travelers: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क– नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा रखी है। इस आपदा के बीच रायपुर के पांच यात्रियों के साथ ऐसा संयोग हुआ, जिसने उन्हें संभावित बड़े हादसे से बचा लिया। काठमांडू जाने के रास्ते में चाय पीने के लिए कुछ देर रुकना उनके लिए जिंदगी बचाने वाला फैसला साबित हुआ।पांचों यात्री त्रिशूली नदी के पास मलखू इलाके में रुके थे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि आगे का रास्ता बाढ़ और भूस्खलन की वजह से बंद हो चुका है।

नेपाल बाढ़ में रायपुर यात्री उस समय काठमांडू की ओर बढ़ रहे थे। चाय पीने के लिए कार रोकने के बाद उन्हें आसपास के लोगों से पता चला कि आगे वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।रास्ता बंद होने की जानकारी मिलने के बाद पांचों ने आगे जाने का फैसला छोड़ दिया। कुछ ही देर बाद जब उन्होंने त्रिशूली नदी का तेज और खतरनाक बहाव देखा तो उन्हें अंदाजा हुआ कि उनका रुकना कितना जरूरी था।

कुछ मिनट का फैसला, टल गया बड़ा खतरा
Nepal Flood Raipur Travelers के मुताबिक अगर पांचों उस समय चाय के लिए नहीं रुकते और आगे बढ़ जाते, तो वे बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित रास्ते में फंस सकते थे।समय रहते रास्ते में रुकने से उनकी कार आगे नहीं बढ़ी। यात्रियों ने इसे महज संयोग नहीं बल्कि भगवान की कृपा बताया है।
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24 घंटे तक कार में फंसे रहे
नेपाल आपदा में फंसे यात्री करीब 24 घंटे तक मलखू इलाके में ही रुके रहे। उनके अलावा सैकड़ों दूसरे यात्री भी रास्ता बंद होने के कारण वहां फंस गए थे।रात गुजारने के लिए पांचों ने अपनी कार का सहारा लिया। इस दौरान इलाके में बिजली और पानी की व्यवस्था भी बंद हो गई थी। लोग लगातार रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे।

त्रिशूली नदी का खौफनाक रूप देखा
Nepal Flood News के दौरान यात्रियों ने त्रिशूली नदी का ऐसा रूप देखा, जिसे वे शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। तेज बहाव के बीच मलबा और कई चीजें बहती हुई दिखाई दे रही थीं।यात्रियों के मुताबिक आसपास के मकान, पुल-पुलिया, पुलिस चौकियां और गांव भी आपदा से प्रभावित हुए। हालात इतने खराब थे कि बाहर निकलना भी जोखिम भरा लग रहा था।

आंखों के सामने दिखा तबाही का मंजर
नेपाल भूस्खलन अपडेट के बीच दिनेश सिंह ठाकुर ने बताया कि वहां का दृश्य बेहद डरावना था। नदी के तेज बहाव में वाहन, मवेशी, मलबा और शव तक बहते दिखाई दिए।बड़े पुलों और मकानों को भी नुकसान पहुंचा। बिजली और पानी की व्यवस्था ठप होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। पांचों यात्री एक-दूसरे के साथ रहे और सुरक्षित समय का इंतजार करते रहे।

21 अगस्त को नेपाल के लिए निकले थे
Raipur Travelers Nepal Trip पर गए पांच यात्रियों में दिनेश ओझा, प्रेमसिंह जगत, नारायण सेन, चतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर शामिल हैं। सभी 21 अगस्त को नेपाल के लिए रवाना हुए थे।उन्होंने नेपाल बॉर्डर के सिरोली से निजी कार से यात्रा शुरू की थी। पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद वे काठमांडू की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान मलखू क्षेत्र में चाय के लिए रुकना पड़ा।

पशुपतिनाथ की कृपा मान रहे यात्री
नेपाल बाढ़ से बचने की कहानी बताते हुए दिनेश सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्हें भगवान पशुपतिनाथ की कृपा से सुरक्षित रहने का भरोसा है। उनके मुताबिक नेपाल में जो कुछ उन्होंने देखा, उसे शब्दों में बताना मुश्किल है।उन्होंने कहा कि सभी की प्रार्थना है कि आपदा में फंसे लोग सुरक्षित अपने घर वापस लौट सकें। पांचों यात्रियों ने हालात में सुधार होने के बाद नेपाल से वापसी शुरू कर दी है।

ट्रेन से रायपुर लौट रहे पांचों यात्री
Nepal Disaster Update के मुताबिक पांचों यात्री अब वापस रायपुर की ओर रवाना हो चुके हैं। वे दुर्ग-नौतनवा ट्रेन से लौट रहे हैं।यात्रियों के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 10 से 11 बजे तक उनके रायपुर पहुंचने की उम्मीद है। इस पूरे सफर में चाय के लिए लिया गया वह छोटा सा ब्रेक अब उनके लिए जिंदगी की सबसे अहम याद बन गया है।

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