भोपाल : जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में जारी बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश के मौसम पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में ठंड बढ़ा दी है, जिससे दिन और रात दोनों समय सिहरन महसूस की जा रही है।
पिछले 24 घंटे में मौसम रहा शुष्क
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में मौसम शुष्क बना रहा और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं हुआ। हालांकि रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा, जबकि अन्य क्षेत्रों में तापमान सामान्य स्तर पर बना रहा। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने के बाद ठंड में फिर तेजी आई है।
कुछ इलाकों में शीतलहर और कोहरे का असर
शहडोल के कल्याणपुर और कटनी जिले के करौंदी क्षेत्र में शीतलहर जैसे हालात देखे गए। वहीं उज्जैन में सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। ठंडी हवाओं के कारण लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
कटनी का करौंदी सबसे ठंडा स्थान
प्रदेश में सबसे कम तापमान कटनी जिले के करौंदी में 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा कल्याणपुर में 4.9 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा-खजुराहो में 7.4 डिग्री और मंडला में 7.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में करीब 11 डिग्री तथा उज्जैन में 13 डिग्री तापमान रहा।
दूसरी ओर खरगोन लगातार सबसे गर्म शहर बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया जा रहा है।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। आगामी दो दिनों तक मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। वहीं 9 फरवरी 2026 को सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मौसम को भी प्रभावित कर सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेशवासियों को ठंड से राहत मिलने में अभी समय लगेगा और सुबह-शाम सर्दी का असर जारी रहेगा।











