MP IAS Promotion 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। संभावित सूची में 13 अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। इनमें 10 महिला और 3 पुरुष अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन अधिकारियों की पदोन्नति पर अंतिम मुहर आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही लगेगी।
दिल्ली में 39 अधिकारियों के नामों पर विचार
सोमवार को दिल्ली में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक हुई। इसमें मध्यप्रदेश के राज्य प्रशासनिक सेवा के 2007 और 2008 बैच के अधिकारियों की पात्रता, सेवा रिकॉर्ड और अन्य जरूरी पहलुओं की समीक्षा की गई। बैठक में कुल 39 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया, जिनमें से 13 को पदोन्नति के लिए उपयुक्त माना गया है।बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल भी शामिल हुए। अब संबंधित अधिकारियों को पदोन्नति के अंतिम आदेश का इंतजार है।
10 महिला अधिकारियों के नाम संभावित सूची में
संभावित सूची में 2007 बैच की निमिषा पांडेय, इला तिवारी, सपना एम. लोवंशी, नीता राठौर, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेंद्र और वर्षा सोलंकी के नाम बताए गए हैं।वहीं, 2008 बैच से प्रियंका गोयल और निधि सिंह राजपूत को भी संभावित सूची में शामिल बताया जा रहा है। यदि पदोन्नति की प्रक्रिया अंतिम रूप लेती है, तो इन अधिकारियों को IAS बनने का अवसर मिल सकता है।
तीन पुरुष अधिकारियों के नाम भी चर्चा में
महिला अधिकारियों के साथ तीन पुरुष अधिकारियों के नाम भी संभावित सूची में सामने आए हैं। इनमें 2007 बैच के शैलेंद्र सिंह सोलंकी और 2008 बैच के अभिषेक दुबे तथा नरोत्तम प्रसाद भार्गव शामिल बताए जा रहे हैं।फिलहाल इन सभी नामों को संभावित सूची के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अंतिम निर्णय संबंधित प्रक्रिया पूरी होने और आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।
वरिष्ठता में आगे रहने वाले कुछ नाम क्यों नहीं बढ़े?
इस पदोन्नति प्रक्रिया के बीच कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम आगे नहीं बढ़ने की चर्चा भी है। इनमें जयेंद्र विजयवत, मनोज मालवीय, कमलचंद्र नागर और मीना मसराम के नाम बताए जा रहे हैं।सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी में आयु संबंधी पात्रता, गोपनीय चरित्रावली (CR) और लंबित न्यायिक मामलों जैसी परिस्थितियों का जिक्र किया जा रहा है। हालांकि, किसी अधिकारी का नाम किस खास वजह से आगे नहीं बढ़ा, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन कारणों को अंतिम निष्कर्ष मानना उचित नहीं होगा।
अंतिम आदेश के बाद ही होगी पुष्टि
IAS पदोन्नति की प्रक्रिया में समिति की सिफारिश के बाद भी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होना अहम होता है। ऐसे में संभावित सूची में नाम आने का अर्थ यह नहीं है कि पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो गई है।मध्यप्रदेश के इन 13 अधिकारियों के IAS बनने की स्थिति अंतिम अधिसूचना या पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।