निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार करीब 11 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 20 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना का उद्देश्य इलाज को आसान और सुलभ बनाना है।
कैशलेस इलाज की मिलेगी सुविधा
नई योजना के तहत पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों को अस्पताल में भर्ती होने पर कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। इससे उन्हें इलाज के दौरान आर्थिक बोझ से काफी राहत मिलेगी।
अंशदान का प्रावधान
योजना में कर्मचारियों से उनके मूल वेतन का 1 प्रतिशत अंशदान लिया जाएगा, जबकि पेंशनरों को हर महीने 4 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। सरकार का मानना है कि इस योगदान से योजना को स्थायी रूप से संचालित किया जा सकेगा।
11 लाख से अधिक लोग होंगे लाभार्थी
इस हेल्थ इंश्योरेंस योजना के दायरे में प्रदेश के 11 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनर आएंगे। इससे लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
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अन्य राज्यों के मॉडल पर आधारित
यह योजना राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों के मॉडल पर आधारित है, जहां पहले से ही इस तरह की स्वास्थ्य योजनाएं सफलतापूर्वक लागू हैं। MP सरकार भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रही है।
कैबिनेट मंजूरी का इंतजार
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित शिक्षा विभाग ने इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे वरिष्ठ सचिव समिति से मंजूरी मिल चुकी है। अब अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद लिया जाएगा।
जल्द लागू होने की उम्मीद
जैसे ही कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी, इस योजना को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकती है।
यह पहल मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने और आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।











