Tuesday, August 25, 2026
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Mahakal Bhasma Aarti: महाकाल की नगरी में भक्ति का सागर, भव्य भस्म आरती से गूंजा उज्जैन

Mahakal Bhasma Aarti: मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में तड़के ब्रह्म मुहूर्त में भगवान महाकाल की भव्य भस्म आरती वैदिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हुई। सुबह करीब चार बजे जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।

देश-विदेश से उमड़े श्रद्धालु

इस पावन अवसर पर देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। भक्तों ने महाकाल के दर्शन कर गहरी आस्था व्यक्त की और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।

पंचामृत अभिषेक से आरंभ हुआ अनुष्ठान

भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल का पारंपरिक पंचामृत अभिषेक किया गया। जल, दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से अभिषेक करते समय रुद्रपाठ, शंखध्वनि और वैदिक मंत्रों की गूंज ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

भस्म श्रृंगार का गूढ़ आध्यात्मिक अर्थ

अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का विशेष भस्म श्रृंगार किया गया। सनातन परंपरा में भस्म को जीवन की नश्वरता और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है। यह अनुष्ठान भक्तों को सांसारिक मोह से ऊपर उठकर ईश्वर भक्ति की ओर प्रेरित करता है।

साधना में लीन श्रद्धालु

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालु भजन, मंत्र-जप और ध्यान में लीन नजर आए। मान्यता है कि महाकाल की भस्म आरती के दर्शन से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

वैश्विक आस्था का केंद्र

महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती भारतीय संस्कृति, परंपरा और अध्यात्म का जीवंत प्रतीक है।

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