MP Weather Update: भोपाल। मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय सिस्टम का प्रभाव प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मौसम में होने वाले इस बदलाव से दिन और रात के तापमान पर भी असर पड़ सकता है। जहां एक ओर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की ठंड महसूस होने लगी है, वहीं दूसरी ओर बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम की गतिविधियां किस जिले में कितनी तेज रहेंगी, यह चक्रवातीय सिस्टम की दिशा और उसकी तीव्रता पर निर्भर करेगा।
मध्य प्रदेश के 11 जिलों में येलो अलर्ट
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश के 11 जिलों में मौसम खराब होने की आशंका जताई गई है। इनमें सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं।इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के झोंके चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
येलो अलर्ट जारी होने का मतलब है कि लोगों को मौसम की संभावित गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। खासकर उन इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, जहां तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार चेतावनी में बदलाव भी हो सकता है।
29 अक्टूबर को प्रदेशभर में बारिश की संभावना?
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को चक्रवातीय सिस्टम का प्रभाव मध्य प्रदेश के अधिक व्यापक हिस्सों में देखने को मिल सकता है। बारिश की गतिविधियां पूर्वी जिलों से आगे दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
हालांकि, पूरे प्रदेश में एक जैसी बारिश होना जरूरी नहीं है। किसी जिले में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे क्षेत्र में तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है। इसलिए अपने शहर के मौसम की जानकारी के लिए स्थानीय पूर्वानुमान और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम में होने वाला यह बदलाव तापमान के सामान्य रुझान को भी प्रभावित कर सकता है। बादल छाने और बारिश होने से दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि रात के तापमान में होने वाला बदलाव स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का क्या होगा असर?
बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवातीय सिस्टम के कारण मध्य भारत के मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे सिस्टम के प्रभाव से नमी बढ़ने, बादल बनने और कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की स्थिति बन सकती है।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में मौसम संबंधी चेतावनी को विशेष रूप से ध्यान में रखना होगा। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि चक्रवात का प्रभाव हर क्षेत्र में एक जैसा नहीं होता। बारिश की मात्रा, हवा की गति और मौसम बदलने का समय सिस्टम की स्थिति के साथ बदल सकता है।
दूसरे राज्यों में भी मौसम पर असर की आशंका
चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति के अनुसार चेतावनियां जारी की जा सकती हैं। हालांकि, हर राज्य में बारिश की तीव्रता और समय अलग हो सकता है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट मौसम संबंधी दावों पर निर्भर न रहें। अपने जिले के लिए जारी मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की सलाह को प्राथमिकता दें।
बारिश और वज्रपात के दौरान कैसे रखें सावधानी?
मौसम में बदलाव के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां बरतकर जोखिम कम किया जा सकता है।
- गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान और खेतों में खड़े रहने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और ऊंचे खुले ढांचों से दूर रहें।
- तेज हवा के समय कमजोर पेड़ों, ढीले होर्डिंग और जर्जर निर्माण के पास न रुकें।
- बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों और उफनते नालों को पार करने से बचें।
- किसान और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्थानीय मौसम चेतावनी के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाएं।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में 27 अक्टूबर से पूर्वी जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। 29 अक्टूबर को मौसम का असर और व्यापक होने का अनुमान है, लेकिन जिलेवार स्थिति की पुष्टि मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन से ही की जानी चाहिए।