Indore Bilaspur Vande Bharat: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क– इंदौर से बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे ने इंदौर से बिलासपुर के बीच सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार करके रेलवे बोर्ड को मंजूरी के लिए भेजा गया है। अब इस प्रस्ताव पर बोर्ड के फैसले का इंतजार है।
अगर रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलती है तो इंदौर-बिलासपुर सीधी ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। अभी इंदौर से नागपुर तक वंदे भारत चलती है, जबकि नागपुर से बिलासपुर के लिए अलग ट्रेन सेवा है। ऐसे में यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए ट्रेन बदलने की जरूरत पड़ सकती है।
नागपुर में ट्रेन बदलने की परेशानी होगी कम
प्रस्तावित नागपुर-बिलासपुर रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इंदौर से बिलासपुर जाने वाले यात्रियों को रास्ते में ट्रेन बदलने की परेशानी कम हो सकती है। खासकर परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और काम के सिलसिले में सफर करने वालों के लिए सीधी ट्रेन काफी सुविधाजनक हो सकती है।
सप्ताह में छह दिन चलाने की तैयारी
रेलवे के प्रस्ताव में इंदौर-बिलासपुर ट्रेन सेवा को सप्ताह में छह दिन चलाने की योजना बताई गई है। शनिवार को ट्रेन नहीं चलाने का प्रस्ताव है। यानी रविवार से शुक्रवार तक यात्रियों को इस संभावित सेवा का लाभ मिल सकता है। हालांकि, संचालन के दिन अंतिम मंजूरी के बाद ही तय होंगे।
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सुबह इंदौर से चलेगी ट्रेन, शाम को बिलासपुर पहुंचने का प्रस्ताव
प्रस्तावित इंदौर-बिलासपुर वंदे भारत रूट के अनुसार ट्रेन इंदौर से सुबह 6:10 बजे रवाना हो सकती है। इसके बाद ट्रेन दोपहर करीब 2:05 बजे नागपुर पहुंचेगी। नागपुर में ठहराव के बाद यह ट्रेन शाम करीब 5:15 से 5:17 बजे के बीच आगे के लिए रवाना होने का प्रस्ताव है।
दुर्ग होते हुए बिलासपुर पहुंचेगी वंदे भारत
प्रस्तावित दुर्ग-बिलासपुर ट्रेन कनेक्शन के तहत वंदे भारत नागपुर से आगे बढ़कर दुर्ग के रास्ते बिलासपुर पहुंचेगी। उपलब्ध प्रस्तावित समय के अनुसार ट्रेन के शाम करीब 7:25 बजे बिलासपुर पहुंचने की उम्मीद है। इस रूट से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क और बेहतर हो सकता है।
1052 किलोमीटर का सफर करीब 14 घंटे में
रेलवे के संभावित इंदौर से बिलासपुर ट्रेन टाइमिंग के अनुसार दोनों शहरों के बीच करीब 1052 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। इस यात्रा में लगभग 14 घंटे 20 मिनट से 14 घंटे 25 मिनट तक का समय लग सकता है। हालांकि यह टाइमिंग अभी अंतिम नहीं है और रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद इसमें बदलाव संभव है।
बिलासपुर से सुबह शुरू हो सकती है वापसी यात्रा
वापसी में प्रस्तावित बिलासपुर-इंदौर वंदे भारत सेवा सुबह 6:45 बजे बिलासपुर से रवाना हो सकती है। इसके बाद ट्रेन रायपुर, दुर्ग और गोंदिया होते हुए नागपुर पहुंचेगी। प्रस्तावित शेड्यूल में नागपुर पहुंचने का समय दोपहर करीब 12:30 से 12:35 बजे रखा गया है।
रात करीब 8:25 बजे इंदौर पहुंचने का प्लान
प्रस्तावित बिलासपुर से इंदौर ट्रेन रूट के मुताबिक नागपुर के बाद ट्रेन इंदौर के लिए रवाना होगी। इसके रात करीब 8:25 बजे इंदौर पहुंचने का समय प्रस्तावित है। इस तरह दोनों दिशाओं में यात्रियों को लंबी दूरी के लिए सीधी ट्रेन का विकल्प मिल सकता है।
नर्मदा एक्सप्रेस के मुकाबले तेज सफर की उम्मीद
इंदौर और बिलासपुर के बीच अभी नर्मदा एक्सप्रेस रेल सेवा भी चलती है। लेकिन लंबी दूरी के कारण इस ट्रेन से सफर में काफी समय लग सकता है। ऐसे में वंदे भारत सेवा शुरू होने पर यात्रियों को अपेक्षाकृत तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलने की उम्मीद है।
पहले नागपुर तक बढ़ाई गई थी वंदे भारत
रेलवे विशेषज्ञ नागेश नामजोशी के अनुसार, पहले इंदौर और भोपाल के बीच वंदे भारत सेवा शुरू की गई थी। उस समय यात्रियों की संख्या कम होने के कारण कई सीटें खाली रह जाती थीं। उसी दौरान इसे बिलासपुर तक बढ़ाने का सुझाव भी सामने आया था। बाद में ट्रेन का विस्तार नागपुर तक किया गया।
नागपुर विस्तार के बाद बढ़ी यात्रियों की मांग
बताया गया कि इंदौर-नागपुर वंदे भारत यात्री मांग बढ़ने के बाद ट्रेन में सीटों की स्थिति बेहतर हुई और ट्रेन की मांग लगातार बनी रही। इसी वजह से अब इसे बिलासपुर तक बढ़ाने का प्रस्ताव यात्रियों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
रायपुर और दुर्ग के यात्रियों को भी फायदा
यदि रायपुर-दुर्ग रेल कनेक्टिविटी वाले इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इसका फायदा सिर्फ बिलासपुर तक सीमित नहीं रहेगा। रूट में रायपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख शहरों का संपर्क भी मजबूत होगा। इससे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच नौकरी, व्यापार, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिल सकती है।
अभी सिर्फ प्रस्ताव, अंतिम फैसला बाकी
फिलहाल रेलवे बोर्ड की मंजूरी सबसे अहम चरण है। अभी ट्रेन के विस्तार की अंतिम घोषणा नहीं हुई है। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद ही संचालन की तारीख, अंतिम टाइम-टेबल और अन्य जरूरी जानकारी आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी।इसलिए यात्रियों को अभी प्रस्तावित समय को अंतिम शेड्यूल नहीं मानना चाहिए। अगर बोर्ड से हरी झंडी मिलती है, तो इंदौर-बिलासपुर वंदे भारत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सीधा और तेज रेल सफर देने वाली अहम ट्रेन बन सकती है।





