Saturday, August 22, 2026
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किश्तवाड़ तबाही : रेड अलर्ट और भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद नजरअंदाज करना पड़ा भारी

किश्तवाड़ तबाही : किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर: पिछले छह दिनों से जारी मौसम चेतावनियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ा। गुरुवार दोपहर 12.30 बजे मचैल माता यात्रा मार्ग पर अचानक बादल फटने और तेज बारिश के कारण भारी तबाही हुई। इस घटना में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कई लोग पानी और मलबे में बह गए।

किश्तवाड़ तबाही : मौसम विभाग ने 8 अगस्त को जम्मू संभाग के पुंछ, राजोरी, रियासी, रामबन, अनंतनाग, किश्तवाड़, उधमपुर और डोडा जिलों में 13 से 15 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी और रेड अलर्ट जारी किया था। चेतावनी में स्पष्ट रूप से भूस्खलन और बाढ़ की आशंका जताई गई थी। बावजूद इसके यात्रा जारी रही।

मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के निदेशक डॉ. मुख्तियार अहमद ने बताया कि चिशौती में कोई भी स्थायी मौसम निगरानी केंद्र नहीं है। लेकिन सैटेलाइट और डॉप्लर रडार से पता चला कि दोपहर 12.30 से 1.30 बजे के बीच सीमित क्षेत्र में अचानक भारी बारिश हुई, जो बादल फटने के कारण मानी जा रही है। उनका कहना है कि एक घंटे में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश को बादल फटना माना जाता है।

डॉ. मुख्तियार ने यह भी बताया कि चिशौती का ऊपरी इलाका जंस्कार बेल्ट से जुड़ा है, इसलिए यह भी संभव है कि किसी ग्लेशियर के टूटने से बाढ़ की स्थिति बनी हो। इस घटना ने प्रशासन और नागरिकों के लिए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेष: किश्तवाड़ जिला मुख्यालय से चिशौती तक वाहन मार्ग लगभग 82 किमी. लंबा है, और इसके बाद 8.5 किमी पैदल यात्रा करके मचैल माता मंदिर पहुँचा जा सकता है। रेड अलर्ट के दौरान यात्रा स्थगित होती तो इतनी मौतें और लापता होने की घटनाएं शायद कम होतीं।

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