Khandva News : खंडवा/देवेंद्र जायसवाल : मध्य प्रदेश के खंडवा में एक वायरल वीडियो स्वास्थ्य सेवा की पोल खोल रहा है जिसमें एक मरीज को उसके परिजन बैलगाड़ी से अस्पताल लेकर जाते दिखाई दे रहे हे, वीडियो वायरल होने के बाद जिले के अधिकारियों ने सफाई तक दे डाली।
Khandva News : दरअसल खालवा क्षेत्र के ग्राम रोशनी निवासी श्रमिक 25 वर्षीय सुरेंद्र ओझा ने समय पर उपचार न मिलने से दर्द में तड़पते हुए रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सुरेंद्र की तबीयत शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे अचानक बिगड़ गई। उसने स्वजन से कहा कि मुझे तकलीफ हो रही है, अस्पताल ले चलो। स्वजन के अनुसार एंबुलेंस के लिए काल किया, लेकिन सहायता नहीं मिली।
Khandva News : एंबुलेंस के इंतजार में मिनट-दर-मिनट कीमती समय फिसलता रहा। बैल नहीं मिले तो स्वजन सुरेंद्र को बैलगाड़ी पर लेटाकर अस्पताल की ओर पैदल खींचकर ले जाने लगे। उनका घर रोशनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से आधा किमी दूरी पर है, लेकिन घोषित कर दिया। डाक्टर ने बताया कि प्राथमिक लक्षणों से मामला साइलेंट हार्ट अटैक प्रतीत होता है। हालांकि स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगा। मजदूरी कर परिवार चलाता था।
Khandva News : सुरेंद्र उसकी आठ महीने की बेटी है। ग्रामीणों का कहना है कि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती तो शायद सुरेंद्र की जान बच सकती थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य कें खालवा पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया।युवक की असमय मौत ने गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता व एंबुलेंस की समयबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि चिकित्सा तंत्र की सुस्ती कई बार जिंदगी और मौत की बीच की दूरी तय कर देती है।

Khandva News : मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी जुगतावत ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से यह बात संज्ञान में आई है कि ग्राम रोशनी में एंबुलेंस के समय पर ना आने के कारण बीमार व्यक्ति को बैलगाड़ी से लाना पड़ा”डॉ जुगतावत ने बताया कि इस संबंध में 108 एम्बुलेंस प्रभारी से जानकारी ली गई, तो उनके द्वारा बताया गया है कि 108 एंबुलेंस के लिए रोशनी या आसपास के क्षेत्र से कोई भी कॉल नहीं आया था, इस बात की पुष्टि कर ली गई है।”










