Saturday, August 15, 2026
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लोहगढ़ किले पर रची गई केतन की मौत की साजिश! खुली मर्डर की परतें, बोली पुलिस- सिया के इशारे पर चेतन ने दिया धक्का

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Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए तथ्य सामने आने का दावा पुलिस ने किया है। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में ऐसी जानकारी मिली है जिससे यह मामला पहले से अधिक गंभीर दिखाई दे रहा है। हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई का फैसला अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि 18 जून को लोहगढ़ किले पर सिया गोयल ने कथित तौर पर पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने रुककर अपने साथ मौजूद चेतन चौधरी को संकेत दिया। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद पीछे चल रहे चेतन ने केतन को खाई की ओर धक्का दिया।पुलिस का यह भी कहना है कि सिया के बैठने का उद्देश्य यह था कि गिरते समय केतन उसे पकड़ न सके। इन दावों की पुष्टि अभी अदालत में होना बाकी है।

कैफे में बनी कथित साजिश
केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस का दावा है कि घटना से एक दिन पहले दोनों आरोपी पुणे के एक कैफे में मिले थे। जांच एजेंसी के अनुसार, वहीं कथित तौर पर पूरी योजना तैयार की गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार पहले की गई थी रिहर्सल
केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने यह भी दावा किया है कि आरोपी पहले भी लोहगढ़ किले पहुंचे थे। जांच के मुताबिक उन्होंने वहां कथित तौर पर ऐसी जगह की पहचान की जहां घटना को अंजाम दिया जा सके। पुलिस अब उस स्थान की पुष्टि करने और उससे जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है।

टोल से बचने के लिए स्कूटर का इस्तेमाल
केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस का कहना है कि चेतन चौधरी ने लगभग 90 किलोमीटर का सफर कार की बजाय स्कूटर से किया, ताकि टोल प्लाजा पर वाहन का रिकॉर्ड दर्ज न हो। पुलिस ने जांच के दौरान संबंधित स्कूटर को जब्त कर लिया है।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर हूडी पहनकर किले तक पहुंचा और वहां पहुंचने के बाद कपड़े बदल लिए। लौटते समय उसने फिर हूडी पहन ली।

घटनास्थल पर कराया गया घटनाक्रम का पुनर्निर्माण
केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच के दौरान पुलिस दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर गई। वहां डमी का इस्तेमाल कर पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया गया। पुलिस का कहना है कि इससे घटनाओं के क्रम को समझने और जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बचाव पक्ष ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल
केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया गोयल के वकील ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस हिरासत में दिया गया बयान अपने आप में अदालत में स्वीकार्य सबूत नहीं माना जाता। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत में इस बात पर सवाल उठाया जाएगा कि शुरुआत में इस घटना को दुर्घटना क्यों माना गया और बाद में हत्या का मामला कैसे बना।

डिजिटल जांच में जुटी पुलिस
केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने दावा किया है कि आरोपियों के मोबाइल और इंटरनेट गतिविधियों की जांच में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, कथित तौर पर गूगल पर लोहगढ़ किले से जुड़े स्थानों और अन्य विषयों की खोज की गई थी। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी करा रही है।

परिवार और करीबियों से लगातार पूछताछ
केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच के तहत पुलिस ने दोनों पक्षों के कई परिजनों और करीबियों से लंबी पूछताछ की है। जांच एजेंसी का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना और हर दावे की पुष्टि करना है।

छह दिन में हुई गिरफ्तारी
केतन अग्रवाल मर्डर केस में घटना के छह दिन के भीतर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान दोनों एक-दूसरे पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस दोनों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर चुकी है।

जांच अभी जारी है
केतन अग्रवाल मर्डर केस फिलहाल जांच के महत्वपूर्ण दौर में है। पुलिस अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य जुटाने में लगी है, जबकि बचाव पक्ष इन दावों को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। मामले में अंतिम निष्कर्ष और दोष तय होना न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा।

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