निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। शनिवार देर रात रतलाम में पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल के निवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने खुद स्वीकार किया कि बंगाल में उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
38 केस और गिरफ्तारी वारंट का जिक्र
विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ कुल 38 मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी बताया कि उनकी गिरफ्तारी के लिए कई वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में वहां जाना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता है।
पार्टी ने दी साफ सलाह
मंत्री ने खुलासा किया कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें पश्चिम बंगाल न जाने की सलाह दी है। उनके मुताबिक, पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर वे वहां जाते हैं तो नया विवाद खड़ा हो सकता है और स्थिति और जटिल हो सकती है।
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चुनाव प्रचार से दूरी
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच विजयवर्गीय की गैरमौजूदगी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब उनके इस बयान के बाद साफ हो गया है कि यह फैसला रणनीतिक और कानूनी परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है।
सियासी और कानूनी संतुलन
विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कानूनी जोखिम भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में बीजेपी नेतृत्व किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए सतर्क रुख अपना रहा है।
आगे क्या?
विजयवर्गीय के इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह मुद्दा कितना असर डालता है और आगे क्या रणनीति बनती है।











