Jholachhap Doctor Action Raipur : मोहम्मद याकुब-धरसीवां/रायपुर (06 फरवरी 2026): राजधानी रायपुर से सटे धरसीवां मुख्यालय में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध चिकित्सा अभ्यासों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) के नेतृत्व में एक टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए ‘बंगाली दवाखाना’ के नाम से संचालित एक क्लीनिक को सील कर दिया है।
फिल्मी स्टाइल में बिना बोर्ड के चल रहा था क्लीनिक
पकड़ा गया आरोपी डॉक्टर विश्वजीत कीर्तनिया मूल रूप से बंगाल का निवासी है। वह पिछले कई वर्षों से धरसीवां में शासकीय भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से क्लीनिक चला रहा था। जांच में पाया गया कि डॉक्टर ने क्लीनिक के बाहर न तो कोई साइन बोर्ड लगाया था और न ही कोई पंजीयन नंबर प्रदर्शित किया था, ताकि प्रशासन की नजरों से बचा जा सके और गुपचुप तरीके से मरीजों का इलाज किया जा सके।
नोटिस का नहीं दिया जवाब, तो हुई कार्रवाई
धरसीवां बीएमओ ने बताया कि उक्त क्लीनिक संचालक को विभाग की ओर से तीन बार नोटिस जारी किए गए थे। उनसे नर्सिंग होम एक्ट 2010 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य का वैध पंजीयन और चिकित्सा डिग्री पेश करने को कहा गया था। लेकिन बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद विश्वजीत ने कोई भी वैध दस्तावेज जमा नहीं किया।
मौके पर दस्तावेजों की मांग और सीलिंग
शुक्रवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम धरसीवां थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुँची, तब भी संचालक कोई ठोस डिग्री या पंजीयन प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लीनिक के गेट पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया।
बीएमओ का बयान
“शिकायत मिलने पर हमने नियमानुसार नोटिस जारी किए थे। नर्सिंग होम एक्ट के तहत कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने के कारण क्लीनिक को सील किया गया है। क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विधिवत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” — बीएमओ, धरसीवां
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस मामले में क्लीनिक संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है।











