Janjgir School Viral Video: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बोड़सरा शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षक और शिक्षिका का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच कराई, जिसके बाद दोनों के खिलाफ प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच
Janjgir School Viral Video: मामले के सामने आने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अशोक सिन्हा ने जांच के आदेश दिए। इसके लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसने पूरे मामले की प्रारंभिक जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी।
दोनों को स्कूल से हटाकर किया गया अटैच
Janjgir School Viral Video: प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से बोड़सरा स्कूल से हटाकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, नवागढ़ में अटैच कर दिया है।वहीं संबंधित शिक्षिका को अकलतरा बीईओ कार्यालय में अटैच किया गया है।विभाग ने दोनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित तिथि तक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
विभागीय कार्रवाई की तैयारी
Janjgir School Viral Video: शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों और वायरल वीडियो से जुड़े पहलुओं के आधार पर आगे की विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है। अंतिम निर्णय दोनों कर्मचारियों के जवाब और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
अभिभावकों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
Janjgir School Viral Video: घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थान की गरिमा बनाए रखना बेहद आवश्यक है और यदि किसी कर्मचारी का आचरण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।अभिभावकों का यह भी कहना है कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की छवि को प्रभावित करती हैं और विद्यार्थियों पर भी प्रतिकूल असर डाल सकती हैं।
शिक्षा विभाग ने क्या कहा?
Janjgir School Viral Video: शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में संबंधित कर्मचारियों पर सेवा नियमों के उल्लंघन या अन्य अनुशासनहीनता के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने भी साफ किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन, मर्यादा और नैतिक मूल्यों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।







