इंदौर : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। द्वारकापूरी थाना क्षेत्र के प्रजापत नगर इलाके में एक निर्दयी मां ने अपने नवजात बच्चे को बोरे में भरकर सड़क किनारे छोड़ दिया। गनीमत रही कि समय रहते बच्चे की रोने की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने पुलिस को सूचना दे दी, जिससे मासूम की जान बच सकी।
बोरे से आती आवाज ने खोला राज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रजापत नगर क्षेत्र में एक बोरे से बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। राहगीर को शक हुआ तो उसने तुरंत डायल 100 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही द्वारकापूरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बोरे को खोलकर देखा, जिसमें एक नवजात जीवित अवस्था में मिला।
एमवाय अस्पताल में भर्ती
पुलिस ने बिना देरी किए नवजात को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल भेजा। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बच्चे की स्थिति फिलहाल सामान्य है। डॉक्टरों की टीम नवजात की पूरी निगरानी कर रही है और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए जा रहे हैं।
Read More : M.P News : सीहोर में कुश्ती का महाकुंभ! परंपरा और पराक्रम का भव्य संगम, अखाड़े में दिखा शौर्य और शक्ति
पुलिस जांच में जुटी
इस हृदयविदारक घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। द्वारकापूरी थाना पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चे को किसने और किन हालात में वहां छोड़ा। पुलिस का कहना है कि दोषियों को जल्द ही चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए गंभीर सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के पीछे सामाजिक दबाव, जागरूकता की कमी और भय भी एक बड़ा कारण होता है, लेकिन किसी भी स्थिति में एक मासूम की जान खतरे में डालना अपराध है।











