निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के खरगौन जिले के आनंद नगर निवासी 30 वर्षीय सद्दाम के साथ एक बेहद खतरनाक हादसा हुआ, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। 1 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे काम के दौरान एक लोहे का सरिया सीधे उनके गले में घुस गया। यह चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी जान पर बन आई।
जिला अस्पताल से इंदौर रेफर
हादसे के तुरंत बाद सद्दाम को जिला अस्पताल खरगौन ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें इंदौर के एमवाय (MY) अस्पताल रेफर किया गया।
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डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन
MY अस्पताल पहुंचते ही सर्जरी विभाग की टीम ने बिना समय गंवाए इमरजेंसी ऑपरेशन शुरू किया। विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद शुक्ला के नेतृत्व में डॉ. अविनाश गौतम, डॉ. उपेंद्र पांडेय, डॉ. रामेंद्र गुर्जर, सीनियर रेजिडेंट डॉ. सुब्रजीत नायक और अन्य जूनियर डॉक्टरों की टीम ने मिलकर जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
एनेस्थीसिया टीम का अहम योगदान
इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विभाग की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी जैन और उनकी टीम ने पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा, जिससे ऑपरेशन सफल हो सका।
मौत के मुंह से लौटा मरीज
डॉक्टरों की तत्परता और कुशलता के चलते मरीज के गले से लोहे का सरिया सुरक्षित तरीके से निकाल लिया गया और उसकी जान बचा ली गई। यह ऑपरेशन चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।











