Indore Cyber Crime Advisory 2026 : इंदौर (10 फरवरी 2026): इंदौर में सरकारी कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग का झांसा देकर ठगने की कोशिशें तेज हो गई हैं। साइबर अपराधियों ने कर्मचारियों की जिज्ञासा को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक विशेष एडवाइजरी जारी कर कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कैसे बुना जा रहा है ठगी का जाल?
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, ठगों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर मैसेज भेजे जा रहे हैं। इन मैसेज में दावा किया जाता है कि कर्मचारी दिए गए लिंक या एपीके (APK) फाइल के जरिए अपनी बढ़ी हुई सैलरी और एरियर (Arrears) का सटीक कैलकुलेशन देख सकते हैं। जैसे ही कोई कर्मचारी इन फाइलों को डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल या सिस्टम हैक हो जाता है और बैंकिंग क्रेडेंशियल चोरी कर लिए जाते हैं।
क्राइम ब्रांच की एडवाइजरी के मुख्य बिंदु:
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अनजान लिंक से बचें: किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें।
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APK फाइल न करें डाउनलोड: अनधिकृत स्रोतों से भेजी गई किसी भी फाइल को इंस्टॉल करना आपके फोन के डेटा को खतरे में डाल सकता है।
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केवल आधिकारिक स्रोत: वेतन वृद्धि या सरकारी आदेशों की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल या विभाग की वेबसाइट का ही उपयोग करें।
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सतर्कता ही सुरक्षा: बैंकिंग ओटीपी (OTP) या पिन किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस की अपील
इंदौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वेतन आयोग से संबंधित कोई भी कैलकुलेटर सरकार द्वारा निजी लिंक के माध्यम से नहीं भेजा जाता है। यदि आपको भी ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज प्राप्त होता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।













