Friday, August 21, 2026
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India-US Trade Deal : डेयरी सेक्टर के खुलने से भारत को हर साल 1.03 लाख करोड़ रुपये का नुकसान, SBI रिपोर्ट में चेतावनी

#nishaanebaz.com
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India-US Trade Deal :  नई दिल्ली | 14 जुलाई 2025 — भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है, लेकिन कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर बनी असहमति इस समझौते को अब तक टालती रही है। इस बीच, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि भारत ने अपने डेयरी सेक्टर को अमेरिकी आयात के लिए खोल दिया, तो इससे भारतीय डेयरी किसानों को हर साल करीब ₹1.03 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अमेरिकी डेयरी पर भारी सब्सिडी, भारत के किसानों को होगा बड़ा नुकसान
SBI रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में डेयरी इंडस्ट्री को अत्यधिक सब्सिडी मिलती है। अगर वहां से भारत में दूध और डेयरी उत्पादों का आयात शुरू हुआ, तो यहां दूध की कीमतें 15 प्रतिशत तक गिर सकती हैं, जिससे भारतीय किसानों की आय बढ़ने की बजाय घटेगी। रिपोर्ट का आकलन है कि इस मूल्य गिरावट से देश की जीडीपी में डेयरी सेक्टर का योगदान भी कम हो जाएगा।
2.5 करोड़ टन दूध का वार्षिक आयात संभव
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यदि यह डील बिना सुरक्षा उपायों के होती है, तो भारत में अमेरिका से हर साल 2.5 करोड़ टन दूध का आयात हो सकता है। इससे भारत के छोटे और सीमांत डेयरी किसानों, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
डेयरी सेक्टर का अर्थव्यवस्था में योगदान
  • ग्रोस वैल्यू एडेड (GVA) में डेयरी सेक्टर का योगदान: 2.5% से 3%
  • वित्तीय मूल्य: ₹7.5 से ₹9 लाख करोड़
  • रोजगार: लगभग 8 करोड़ लोग सीधे या परोक्ष रूप से इस सेक्टर से जुड़े हैं
  • प्रति ₹1 लाख रेवेन्यू पर एक व्यक्ति को रोजगार मिलता है

यदि दूध के दाम 15% गिरते हैं, तो GVA में ₹51,000 करोड़ तक की गिरावट आ सकती है।

अन्य सेक्टरों में संभावित फायदे

हालांकि, रिपोर्ट यह भी मानती है कि अन्य सेक्टरों में ट्रेड डील से भारत को महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं:

  • ऑर्गेनिक फूड और मसालों का अमेरिकी निर्यात $1 बिलियन से बढ़कर $3 बिलियन तक पहुंच सकता है
  • SPS प्रतिबंध हटने से आम, लीची, केला जैसे फलों और सब्जियों का निर्यात बढ़ेगा
  • आयुष उत्पाद और जेनेरिक दवाओं का निर्यात $1-2 बिलियन तक बढ़ सकता है
  • कोल्ड स्टोरेज, प्रिसीजन फार्मिंग और वेटनरी इनपुट्स में अमेरिकी निवेश की संभावना
रसायन (केमिकल्स) सेक्टर में निर्यात की बढ़त
SBI की रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि भारत 25% से कम टैरिफ लागू करने में सफल रहता है, तो अमेरिका को रसायन उत्पादों का निर्यात काफी बढ़ सकता है। भारत चीन और सिंगापुर के बाजार हिस्से में सेंध लगा सकता है। यदि भारत इन देशों के 2% निर्यात को भी हासिल करता है, तो GDP में 0.2% की वृद्धि हो सकती है।
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