Cough syrup racket : फर्जी GST चालान से ड्रग्स तस्करी : ED ने कफ सिरप रैकेट के सरगना को अंतिम समन भेजा, 67 आरोपियों की जाँच शुरू

VIKASH KHALKHO

Cough syrup racket : लखनऊ। कोडीन कफ सिरप की तस्करी रैकेट के कथित सरगना शुभम जायसवाल पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी की लखनऊ जोन इकाई ने जायसवाल को अंतिम समन जारी किया है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वह सोमवार को पूछताछ के लिए पेश नहीं होता है, तो एजेंसी उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी करने और इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस की कार्यवाही शुरू करने का विकल्प चुनेगी। जायसवाल अब तक दो बार समन जारी किए जाने के बावजूद अपना बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुआ है।कफ सिरप रैकेट पर ED की बड़ी कार्रवाई, 1000 करोड़ का खुलासा | Subkuz

Cough syrup racket : यह सख्त चेतावनी उस समय आई है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद को 17 दिसंबर तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। हालांकि, यह अंतरिम राहत भोला प्रसाद पर लागू नहीं होती है, क्योंकि वह अन्य आपराधिक मामलों में पहले से ही सोनभद्र जेल में बंद हैं। ईडी सूत्रों ने पुष्टि की कि शुभम का नाम उत्तर प्रदेश पुलिस की एफआईआर में दर्ज है और वह मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) मामले में मुख्य आरोपियों में से एक है।

Cough syrup racket : ईडी की यह जाँच पिछले एक साल में यूपी पुलिस, एसटीएफ और एफएसडीए द्वारा विभिन्न जिलों (लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, गाजीपुर समेत 11 जिलों) में दर्ज की गई 24 एफआईआर पर आधारित है। ये मामले अवैध, मिलावटी या गलत लेबल वाले कोडीन सिरप की बड़े पैमाने पर ज़ब्ती, जाली स्टॉक रिकॉर्ड और फार्मा तथा परिवहन कंपनियों द्वारा संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों से संबंधित हैं। जाँच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल ने फर्जी जीएसटी चालान बनाए, स्टॉक रजिस्टरों में हेरफेर किया और अपंजीकृत ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से अंतरराज्यीय नकदी लेनदेन का सहारा लिया, जो एक संगठित वित्तीय अपराध है।ED ने 1,000 करोड़ रुपये के कफ सिरप तस्करी मामले में दूसरे दिन भी जारी रखी  छापेमारी - Youth India News

Cough syrup racket : ईडी ने अब इस रैकेट के सभी 67 आरोपियों की पूरी केस फाइल और बैंक विवरण उत्तर प्रदेश पुलिस से मांगे हैं। एजेंसी ने ट्रांसपोर्टरों, गोदामों, वितरकों और लॉजिस्टिक्स का मानचित्रण शुरू कर दिया है और मुनाफे को स्थानांतरित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली संदिग्ध फर्जी कंपनियों की जाँच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दवाइयों के भंडार की हेराफेरी, अवैध निर्माण, तस्करी के रास्ते और मुनाफे की मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि हुई है, और सरगना को समन के बाद अब उसके सहयोगियों को भी जल्द ही समन जारी किए जाएंगे।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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