निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में बीती रात एक अनोखा नजारा देखने को मिला। ढोल-धमाल और नाचते-गाते लोगों की भीड़ देखकर राहगीरों को लगा कि कोई बारात या राजनीतिक रैली निकल रही है, लेकिन सच्चाई जानकर सभी हैरान रह गए।
“बेटी हुई है” बैनर के साथ निकली जश्न यात्रा
दरअसल, यह जुलूस किसी शादी का नहीं, बल्कि एक नन्हीं बेटी के जन्म की खुशी में निकाला गया था। मकेश्वर वार्ड निवासी रूपेश कोसरिया और उनकी पत्नी किरण कोसरिया के घर 1 अप्रैल को बेटी का जन्म हुआ। अस्पताल से घर लाते समय परिवार ने गाड़ी पर “बेटी हुई है” का बैनर लगाकर जश्न यात्रा निकाली।
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ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत
जैसे ही नवजात घर पहुंची, परिवार और मोहल्लेवासियों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते उसका स्वागत किया। इस दौरान आतिशबाजी भी की गई और मिठाइयां बांटकर खुशी साझा की गई।
24 साल बाद घर आई बेटी, खुशी दोगुनी
परिवार के अनुसार, करीब 24 साल बाद उनके घर में बेटी का जन्म हुआ है। यही वजह है कि इस खुशी को खास अंदाज में मनाया गया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि बेटी घर की शान होती है और उसका सम्मान करना हर किसी की जिम्मेदारी है।
समाज को मिला सकारात्मक संदेश
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की। उनका कहना है कि ऐसे आयोजन “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों को मजबूती देते हैं और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।











