deputy-collector-dilip-uikey-suspended : बालोद/बीजापुर (20 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ शासन ने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके को पद से निलंबित कर दिया है। उईके पर बालोद जिले की एक महिला आरक्षक ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने, तीन बार जबरन गर्भपात कराने और लाखों रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी करने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पीड़िता की विस्तृत शिकायत और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर राज्य सरकार ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं वाला एक शिकायती पत्र भेजा। शिकायत के अनुसार, दिलीप उईके और पीड़िता का परिचय 2017 में बालोद के डौंडी में पढ़ाई के दौरान हुआ था। महिला का आरोप है कि उईके ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब महिला 2017 में पुलिस आरक्षक बन गई, तब वह उईके की पढ़ाई और कोचिंग के लिए अपनी तनख्वाह से हर महीने चार से पांच हजार रुपये भेजती रही, ताकि वह प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर सके।
वर्ष 2020 में दिलीप उईके का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ, लेकिन पद मिलते ही उनके व्यवहार में बदलाव आ गया। पीड़िता का आरोप है कि शादी का आश्वासन देकर आरोपी ने 2017 से 2025 के बीच तीन बार उसका जबरन गर्भपात कराया। इतना ही नहीं, आरक्षक ने बैंक से कर्ज लेकर करीब 3 लाख 30 हजार रुपये उईके के खाते में ट्रांसफर किए थे, जिसे आरोपी ने वापस नहीं किया।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बीजापुर में पदस्थापना के दौरान भी जनवरी से मई 2025 के बीच आरोपी अधिकारी ने महिला का शारीरिक शोषण जारी रखा। पीड़िता ने जब शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी मुकर गया, जिसके बाद पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाई। वर्तमान में शासन ने उईके को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।











