Friday, September 25, 2026
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Big News : पांच साल बाद दिल्ली दंगों की आरोपी गुलफिशा फातिमा समेत 4 आरोपी ज़मानत पर जेल से बाहर

नई दिल्ली : दिल्ली दंगों से जुड़े कथित साज़िश मामले में बुधवार को चार अभियुक्तों को जेल से रिहा कर दिया गया। इन आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दी थी, जिसके बाद निचली अदालत ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए रिहाई के आदेश जारी किए।

कड़कड़डुमा कोर्ट ने स्वीकार किए ज़मानती बॉन्ड

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में कड़कड़डुमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने गुलफ़िशा फ़ातिमा, मीरान हैदर, शिफ़ा उर रहमान और मोहम्मद सलीम ख़ान द्वारा दाख़िल किए गए दो-दो लाख रुपये के ज़मानती बॉन्ड स्वीकार किए। साथ ही समान राशि के दो स्थानीय ज़मानतदारों को भी मंज़ूरी दी गई।

एक आरोपी की रिहाई टली

हालांकि इस मामले में पांचवें आरोपी शादाब अहमद अदालत में ज़मानती बॉन्ड जमा करने के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसी वजह से उनकी रिहाई फिलहाल नहीं हो सकी, जबकि उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिल चुकी है।

तिहाड़ और मंडोली जेल से बाहर आए आरोपी

जेल प्रशासन के अनुसार, गुलफ़िशा फ़ातिमा, शिफ़ा उर रहमान और मीरान हैदर को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया, जबकि मोहम्मद सलीम ख़ान मंडोली जेल से बाहर आए। रिहाई के बाद उनके परिजनों और समर्थकों ने स्वागत किया।

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संविधान पर भरोसे की बात

जेल से बाहर आने के बाद शिफ़ा उर रहमान ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और संविधान पर पूरा विश्वास था। उन्होंने अदालत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क़ानून के दायरे में रहकर ही न्याय मिला है।

उमर ख़ालिद और शरजील इमाम को राहत नहीं

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अन्य अभियुक्तों की तुलना में इन दोनों की कथित भूमिका अधिक गंभीर और अलग प्रकृति की बताई गई है।

CAA आंदोलन से जुड़ा है मामला

सभी अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध की आड़ में फरवरी 2020 के दौरान दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा की साज़िश रची थी। बचाव पक्ष का तर्क रहा है कि अभियुक्त लंबे समय से जेल में हैं, जबकि मुकदमे की सुनवाई अब तक शुरू नहीं हो सकी।

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