Crypto Scam : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) क्रिप्टो धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रहा है। सरकार के अनुसार, अब तक की जांच में हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने कुल ₹4,189.89 करोड़ (लगभग ₹4190 करोड़) की संपत्ति जब्त या फ्रीज की है।
ईडी की कार्रवाई के मुख्य आंकड़े:
- जब्त/फ्रीज संपत्ति: ₹4,189.89 करोड़
- गिरफ्तार व्यक्ति: 29
- आरोप पत्र दाखिल: 22
- भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित: 1
यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) के दुरुपयोग को लेकर कितनी गंभीर है। हाल ही में VDA को PMLA के दायरे में लाया गया है।
आयकर विभाग की सख्ती: प्रवर्तन निदेशालय के साथ-साथ आयकर विभाग भी क्रिप्टो निवेशकों पर पैनी नजर बनाए हुए है।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने तलाशी और जब्ती अभियानों के दौरान VDA लेनदेन से जुड़ी ₹888.82 करोड़ की अघोषित आय का पता लगाया।
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CBDT ने ऐसे 44,057 करदाताओं को नोटिस भेजे हैं जिन्होंने VDA में निवेश या व्यापार तो किया, लेकिन अपने आयकर रिटर्न में ‘शेड्यूल VDA’ के तहत इसकी सूचना नहीं दी।

नियामकीय ढांचे पर सरकार का रुख: पंकज चौधरी ने संसद में स्पष्ट किया कि भारत में फिलहाल क्रिप्टो एसेट्स अनरेगुलेटेड हैं। हालांकि, सरकार VDA से जुड़े लेनदेन की निगरानी और जांच को मजबूत करने के लिए अपनी क्षमता बढ़ा रही है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्रिप्टो एसेट्स की प्रकृति सीमा रहित है, इसलिए नियामकीय आर्बिट्रेज (Regulatory Arbitrage) को रोकने के लिए केवल घरेलू नियम बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय समन्वय की आवश्यकता है। सरकार वैश्विक आम सहमति के साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।











