Credit Card Culture : क्रेडिट कार्ड बना लोगों की जरूरत-50 हजार से कम कमाने वाले 93% लोग हुए डिपेंडेंट

VIKASH KHALKHO
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Credit Card Culture : नई दिल्ली। जहां एक ओर लोन सस्ता होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर एक और रिपोर्ट सामने आई है जो भारत में बढ़ती आर्थिक निर्भरता और क्रेडिट कार्ड कल्चर की ओर इशारा करती है। थिंक360 डॉट एआई (Think360.ai) की एक स्टडी में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं –

  • 50 हजार रुपये से कम कमाने वाले 93% वेतनभोगी लोग अब क्रेडिट कार्ड पर निर्भर हो चुके हैं।

  • खुद का कारोबार करने वाले 85% लोग भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Buy Now Pay Later’ पर भी भरोसा बढ़ा

इस रिपोर्ट में बताया गया कि “Buy Now Pay Later (BNPL)” जैसी स्कीम्स का उपयोग भी तेजी से बढ़ा है:

  • 18% स्वरोजगार वाले
  • और 15% वेतनभोगी लोग अब BNPL सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।

फिनटेक कंपनियों का नया इकोसिस्टम

भारत की यह क्रेडिट डिपेंडेंसी तेजी से डिजिटल फिनटेक इकोसिस्टम की ओर बढ़ रही है। स्टडी के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में फिनटेक कंपनियों ने ₹92,000 करोड़ से ज्यादा के पर्सनल लोन बांटे, जो सभी नए कर्ज का 76% हिस्सा है।

रेपो रेट क्या होता है?

रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर RBI देश के बैंकों को कर्ज देता है।

  • अगर रेपो रेट घटता है, तो बैंकों को सस्ते दर पर कर्ज मिलता है, जिससे वो आम लोगों को भी सस्ते लोन ऑफर कर सकते हैं।
  • वहीं अगर रेपो रेट बढ़े, तो लोन महंगे हो जाते हैं और EMI बढ़ जाती है।
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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