Chiranjeevi Casting Couch Controversy : हैदराबाद/नई दिल्ली। तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी द्वारा हाल ही में कास्टिंग काउच को लेकर दी गई एक टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा कर दिया है। हैदराबाद में अपनी फिल्म की सफलता के जश्न के दौरान चिरंजीवी ने दावा किया कि फिल्म इंडस्ट्री एक ‘आईने’ की तरह है और यहाँ कास्टिंग काउच जैसी कोई चीज नहीं होती। उन्होंने कहा कि अगर किसी के साथ बुरा अनुभव होता है, तो उसके लिए कहीं न कहीं पीड़ित का अपना व्यवहार और असुरक्षा जिम्मेदार होती है।
Casting couch is rampant, women are refused roles if they don’t offer ‘full commitment’ – a word that means completely different in the film industry.
If you come from an English educated background and believe ‘commitment’ means ‘professionalism’, showing up to work and being…
— Chinmayi Sripaada (@Chinmayi) January 26, 2026
चिरंजीवी के इस बयान पर मशहूर सिंगर और ‘मी टू’ एक्टिविस्ट चिन्मयी श्रीपदा ने कड़ा ऐतराज जताया है। चिन्मयी ने चिरंजीवी की सोच को पुरानी पीढ़ी की सीमित समझ बताते हुए कहा कि इंडस्ट्री में ‘फुल कमिटमेंट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल आज भी सेक्सुअल फेवर के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह मानना पूरी तरह गलत है कि महिलाएं अपनी मर्जी से या अपनी गलती से शोषण का शिकार होती हैं।
चिन्मयी ने अपने साथ हुए शोषण को याद करते हुए चिरंजीवी को आईना दिखाया। उन्होंने गीतकार वैरामुथु का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनके साथ बदसलूकी हुई, तब वे बहुत छोटी थीं और उनकी माँ भी उनके साथ थीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या माँ की मौजूदगी में हुआ शोषण भी उनकी अपनी पसंद थी? चिन्मयी के अनुसार, असली समस्या वे पुरुष हैं जो पावरफुल पोजीशन पर बैठकर काम के बदले शारीरिक संबंध को अपना अधिकार समझते हैं।
चिरंजीवी ने जहाँ इंडस्ट्री को एक सुरक्षित जगह बताते हुए कलाकारों को ‘प्रोफेशनल’ रहने की सलाह दी, वहीं चिन्मयी ने स्पष्ट किया कि पेशेवर व्यवहार भी कई बार दरिंदों को नहीं रोकता। इस विवाद ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के भीतर महिलाओं की सुरक्षा और रसूखदार लोगों की मानसिकता को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना यह होगा कि चिरंजीवी या साउथ फिल्म इंडस्ट्री के अन्य बड़े सितारे इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।











