Wednesday, August 19, 2026
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CG NEWS : हाईकोर्ट से घरघोड़ा भूमि अधिग्रहण मुआवजा प्रकरण में अहम फैसला

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CG NEWS : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने घरघोड़ा तहसील से जुड़े भूमि अधिग्रहण मुआवजा मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। माननीय न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू की एकलपीठ ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा द्वारा मुआवजा घटाने संबंधी आदेश को विधि विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया।

CG NEWS : यह मामला ग्राम बजरमुड़ा घरघोड़ा निवासी सुरेश चौधरी से संबंधित है, जिनकी भूमि का अधिग्रहण छत्तीसगढ़ भूमि राजस्व संहिता, 1959 की धारा 247 के अंतर्गत किया गया था। एसडीओ (राजस्व) द्वारा 22 जनवरी 2021 को मुआवजा निर्धारित किया गया था।

CG NEWS : प्रकरण में राज्य शासन का पत्र दिनांक 04 जुलाई 2024 महत्वपूर्ण रहा, जिसमें जांच समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह उल्लेख किया गया कि मुआवजा निर्धारण में त्रुटि प्रतीत हो रही है।

CG NEWS : इसी के आधार पर कलेक्टर, रायगढ़ द्वारा 25 जुलाई 2024 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा को पत्र जारी कर मुआवजा राशि का पुनः आकलन करने के निर्देश दिए गए।

CG NEWS : इसके पश्चात एसडीओ (राजस्व) द्वारा 2 दिसंबर 2024 को आदेश पारित कर पूर्व में निर्धारित मुआवजा राशि में कटौती कर दी गई।याचिकाकर्ता की ओर से यह तर्क दिया गया कि वर्ष 2021 में पारित मुआवजा आदेश की समीक्षा करने से पूर्व छत्तीसगढ़ भूमि राजस्व संहिता की धारा 51 के तहत सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना और प्रभावित पक्ष को सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य था, जिसका पालन नहीं किया गया।

CG NEWS : हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि एसडीओ (राजस्व) कलेक्टर के अधीनस्थ अधिकारी हैं, इसलिए वे बिना सक्षम उच्चाधिकारी की लिखित अनुमति के पूर्व आदेश की समीक्षा नहीं कर सकते। साथ ही, समीक्षा की अनुमति देने से पूर्व प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिया जाना भी आवश्यक है।

CG NEWS : कोर्ट ने यह भी कहा कि धारा 32 के अंतर्गत निहित शक्तियों का उपयोग कर पूर्व आदेश की समीक्षा नहीं की जा सकती, क्योंकि समीक्षा के लिए संहिता में धारा 51 के तहत स्पष्ट प्रावधान मौजूद है। इन आधारों पर हाईकोर्ट ने एसडीओ (राजस्व) का 2 दिसंबर 2024 का आदेश निरस्त कर दिया।

CG NEWS : हालांकि न्यायालय ने शासन को यह स्वतंत्रता भी दी है कि यदि वह चाहे तो धारा 51 के अंतर्गत निर्धारित विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए मुआवजा आदेश की समीक्षा कर सकता है।

CG NEWS : यह फैसला राजस्व मामलों में प्रक्रिया के पालन, प्राकृतिक न्याय और कानून के शासन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुर्व में एसडीएम रहे अशोक कुमार मारबल द्वारा 22 जनवरी 2021 को मुवावजा निर्धारित किया गया था जिसे सही माना गया है।

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