CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तलाकशुदा पत्नी के संपत्ति अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि तलाक हो जाने के बाद पत्नी का पति की संपत्ति पर कोई वैधानिक अधिकार नहीं रहता। हालांकि, बच्चों को पिता की संपत्ति में हिस्सा होने के कारण वहां रहने का अधिकार बना रहेगा।
CG News: जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि तलाक के बाद पति-पत्नी के बीच पारिवारिक संबंध कानूनी रूप से समाप्त हो जाते हैं। घरेलू प्रताड़ना अधिनियम की धारा 2(एफ) के तहत भी विवाह समाप्त होने पर पत्नी के लिए पति के घर में रहने का आधार खत्म हो जाता है। इसलिए पत्नी को घर खाली करना होगा।
CG News: लेकिन हाई कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को संशोधित कर दिया जिसमें बच्चों को भी घर खाली करने के लिए कहा गया था। कोर्ट ने माना कि बच्चे पिता की संपत्ति में हकदार हैं, इसलिए उन्हें घर से बेदखल नहीं किया जा सकता।
CG News: राजश्री और उनके बच्चों ने 2018 में निचली अदालत के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी। उन्होंने दावा किया था कि घर खरीदने में राजश्री ने भी आर्थिक सहायता दी थी और बच्चों को पिता की संपत्ति में रहने का पूरा अधिकार है।
CG News: क्या है मामला?
CG News: यह विवाद दुर्ग जिले के भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत एक कर्मचारी से जुड़ा है, जिसकी पत्नी से तलाक हो चुका है। निचली अदालत ने परिवार को घर खाली करने के निर्देश दिए थे। हाई कोर्ट ने इस आदेश में संशोधन करते हुए केवल तलाकशुदा पत्नी को घर खाली करने का निर्देश दिया, जबकि बच्चों को वहां रहने की अनुमति दी है। हाई कोर्ट के इस फैसले को तलाक के बाद संपत्ति और निवास अधिकार से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।











