CG Liquor Scam Update : रायपुर (19 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में एसीबी-ईओडब्ल्यू (ACB-EOW) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी उपायुक्त (Deputy Commissioner) नवीन प्रताप सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में पदस्थापना के दौरान तोमर ने मैन पावर एजेंसियों को अवैध भुगतान कर शासन के खजाने को करीब 100 करोड़ रुपये की चपत लगाई थी।
ED की सूचना पर हुई FIR और गिरफ्तारी
इस पूरे मामले की जड़ें 29 नवंबर 2023 की उस घटना से जुड़ी हैं, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर में तीन व्यक्तियों से 28.8 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। जांच में खुलासा हुआ कि यह राशि ‘ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड’ और ‘अलर्ट कमांडोज प्राइवेट लिमिटेड’ जैसी मैन पावर एजेंसियों द्वारा दी गई रिश्वत थी। यह रिश्वती रकम तत्कालीन उप महाप्रबंधक (CSMCL) नवीन प्रताप सिंह तोमर तक पहुँचनी थी। ईडी की इस सूचना के आधार पर ईओडब्ल्यू ने अपराध क्रमांक 44/2024 दर्ज किया था।
100 करोड़ का ‘कमीशन’ खेल
एसीबी की जांच में यह तथ्य प्रमाणित हुआ है कि CSMCL के अधिकारियों ने एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत मैन पावर एजेंसियों को नियमों के विरुद्ध जाकर अवैध भुगतान किए। इन भुगतानों के बदले में अधिकारियों को एक निश्चित हिस्सा कमीशन के रूप में मिलता था। अब तक की विवेचना के अनुसार, इस पूरे खेल में शासन को लगभग 100 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति हुई है।
कोर्ट ने भेजा पुलिस रिमांड पर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी नवीन प्रताप सिंह तोमर को आज विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। ब्यूरो ने मामले की गहराई तक पहुँचने और अन्य सहयोगियों के नाम उगलवाने के लिए पुलिस रिमांड की मांग की थी, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और प्रभावशाली नामों और बेनामी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला
नवीन प्रताप तोमर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7बी, 8 और भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 120बी (साजिश रचना) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।













