Budhni Civil Hospital News : बुधनी/सीहोर (6 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश के बुधनी स्थित सिविल अस्पताल से एक बार फिर भ्रष्टाचार की दुर्गंध सामने आई है। अस्पताल में पदस्थ स्टाफ पर आरोप है कि उन्होंने एक गरीब परिवार से प्रसव के बदले अवैध रूप से रुपयों की मांग की और पैसे मिलने के बाद ही नवजात शिशु को परिजनों के सुपुर्द किया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिजनों ने महिला को प्रसव के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के तुरंत बाद अस्पताल स्टाफ द्वारा 4000 रुपए की मांग की गई। जब परिजनों ने असमर्थता जताई और विरोध किया, तो काफी बहसबाजी के बाद 1500 रुपए लेकर ही नवजात शिशु को उनके हाथों में सौंपा गया।
योजनाएं केवल कागजों पर?
सरकार जननी सुरक्षा योजना और अन्य योजनाओं के जरिए नि:शुल्क प्रसव और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करती है, लेकिन बुधनी सिविल अस्पताल में धरातल पर स्थिति इसके उलट है। परिजनों ने बताया कि मां और बच्चे की सुरक्षा की चिंता में उन्हें मजबूरी में यह राशि देनी पड़ी।
पुराना है विवादों से नाता
यह पहली बार नहीं है जब बुधनी सिविल अस्पताल इस तरह के आरोपों से घिरा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यहाँ अवैध वसूली एक आम बात हो गई है। पूर्व में भी कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन रसूख और सांठगांठ के चलते हर बार मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
अधिकारियों का पक्ष
इस संबंध में जब स्वास्थ्य अधिकारी धनजीत बड़ोदिया से बात की गई, तो उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन और सीएमएचओ दोषियों पर सख्त रुख अपनाते हैं या फिर गरीब की आवाज हमेशा की तरह दब कर रह जाएगी।











