Brijmohan Agrawal Vs Gajendra Yadav : रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी (बालोद) अब विवादों के केंद्र में है। एक ओर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था के वैधानिक अध्यक्ष होने का दावा करते हुए 10 करोड़ रुपये की अनियमितता के चलते जंबूरी स्थगित कर दी है, वहीं दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग मंत्री गजेंद्र यादव को पदेन अध्यक्ष बताते हुए आयोजन जारी रखने की बात कह रहा है।
बृजमोहन अग्रवाल के 3 गंभीर आरोप:
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वित्तीय अनियमितता: सरकार द्वारा स्वीकृत ₹10 करोड़ की राशि संस्था के खाते के बजाय सीधे DEO बालोद के खाते में क्यों भेजी गई? इसे वित्तीय नियमों का उल्लंघन बताया गया है।
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नियमों का उल्लंघन: जंबूरी का स्थल कार्यकारिणी की सहमति के बिना नया रायपुर से बदलकर बालोद कर दिया गया।
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बिना टेंडर निर्माण: बिना टेंडर खुले ही आयोजन स्थल पर निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए, जिससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है।
बृजमोहन अग्रवाल का बयान: “मैं अभी भी संस्था का निर्वाचित अध्यक्ष हूं और मैंने इस्तीफा नहीं दिया है। जंबूरी के नाम पर भारी भ्रष्टाचार हो रहा है, इसलिए इसे स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।”
शिक्षा विभाग और मंत्री खेमे का पक्ष:
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मीडिया को 13 दिसंबर 2025 का एक आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार मंत्री गजेंद्र यादव को संस्था का पदेन अध्यक्ष नामित किया गया है। विभाग का कहना है कि जंबूरी स्थगित नहीं हुई है और इसे निर्धारित समय पर ही कराया जाएगा।











