Barwani Collector Jansunwai : बड़वानी। जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब राजपुर तहसील के ग्राम बिलवानी की दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने स्व-सहायता समूहों में हो रहे बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश किया। गायत्री, अन्नपूर्णा और माँ लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की करीब 20 महिला सदस्यों ने कलेक्टर जयति सिंह को सौंपे शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि उनके नाम पर स्वीकृत ऋण राशि का एक बड़ा हिस्सा उन्हें कभी मिला ही नहीं। महिलाओं ने बताया कि समूह के बुक कीपरों ने उनके विश्वास का फायदा उठाकर बैंक से स्वीकृत लाखों रुपयों में से बड़ी राशि अपने पास रख ली और अब उसका कोई लेखा-जोखा नहीं दिया जा रहा है।
शिकायत के आंकड़ों ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी चौंका दिया है। गायत्री सहायता समूह के नाम पर बैंक से 9 लाख 12 हजार 500 रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ था, लेकिन सदस्यों के हाथों में मात्र 5 लाख 68 हजार रुपये ही पहुंचे, जबकि शेष 3 लाख 44 हजार रुपये का हिसाब गायब है। इसी तरह अन्नपूर्णा और माँ लक्ष्मी समूह में भी क्रमशः 1.74 लाख और 4 लाख रुपये की भारी विसंगतियां सामने आई हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने समय पर अपने हिस्से की किश्तें बुक कीपर को जमा की थीं, लेकिन वह राशि बैंक तक नहीं पहुंची, जिसके कारण अब उन पर कर्ज का भारी बोझ बढ़ गया है और उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि इस धोखाधड़ी के संबंध में उन्होंने एक माह पूर्व आजीविका मिशन राजपुर के अधिकारियों को भी लिखित में अवगत कराया था, लेकिन विभाग ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। विभाग की इस निष्क्रियता के चलते महिलाओं को बैंक से नोटिस मिल रहे हैं और उनकी साख प्रभावित हो रही है। जनसुनवाई के दौरान शांता बाई और अन्य सदस्यों ने कलेक्टर को बैंक स्टेटमेंट और आंतरिक ऑडिट की प्रतियां भी सौंपी, जो प्रथम दृष्टया भारी वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करती हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर जयति सिंह ने आजीविका मिशन और संबंधित जनपद पंचायत के अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि तीनों समूहों के बैंक खातों और कैश बुक का मिलान कर स्पेशल ऑडिट कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बुक कीपर या मिशन के किसी अधिकारी की मिलीभगत पाई गई, तो उनके विरुद्ध पुलिस केस दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल, जिला प्रशासन ने महिलाओं को किश्त वसूली के नाम पर परेशान न करने और मामले का त्वरित निराकरण करने का भरोसा दिया है।













