Friday, September 25, 2026
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अयोध्या में रामलला का दिव्य सूर्य तिलक, 9 मिनट तक चमकी आस्था, PM मोदी भी हुए शामिल

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या स्थित राम मंदिर में भगवान रामलला का भव्य सूर्य तिलक किया गया। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरा अवसर था जब यह दिव्य आयोजन संपन्न हुआ। अभिजीत मुहूर्त में ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें सीधे रामलला के ललाट पर पड़ीं, जो लगभग 9 मिनट तक बनी रहीं।

PM मोदी ने की पूजा, समारोह में हुए शामिल

इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रामलला की पूजा-अर्चना की और सूर्य तिलक समारोह में शामिल हुए। रामनवमी के दिन अयोध्या में भक्तों का सैलाब उमड़ा और पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल रहा।

वैदिक विधि से हुआ अभिषेक और श्रृंगार

शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रामलला का अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के दौरान कुछ समय के लिए मंदिर के पट बंद रखे गए, जिसके बाद निर्धारित समय पर सूर्य तिलक की प्रक्रिया पूरी की गई।

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कैसे किया जाता है सूर्य तिलक?

सूर्य तिलक एक विशेष वैज्ञानिक और धार्मिक प्रक्रिया का संगम है। इसके लिए मंदिर में ऑप्टो-मैकेनिकल सिस्टम लगाया गया है, जिसमें दर्पण और लेंस का उपयोग किया जाता है। इस तकनीक के जरिए मंदिर की तीसरी मंजिल से सूर्य की किरणों को सीधे गर्भगृह तक पहुंचाया जाता है, जहां वे रामलला के ललाट पर पड़ती हैं।

धार्मिक महत्व क्या है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम सूर्यवंश से संबंधित हैं। इसलिए सूर्य तिलक को सूर्य देव के आशीर्वाद के रूप में देखा जाता है। यह आयोजन आस्था, विज्ञान और परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।

भक्ति और विज्ञान का अद्भुत मेल

अयोध्या में हुआ यह सूर्य तिलक समारोह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें इस्तेमाल की गई तकनीक इसे और भी खास बनाती है। यह आयोजन देश-दुनिया में आस्था का संदेश देने के साथ भारतीय परंपरा की समृद्धि को भी दर्शाता है।

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