Saturday, August 22, 2026
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Abhishek Dwivedi Fake PA Case : चोरी नहीं ठगी का निकला मामला; अमित शाह का फर्जी PA बनकर धमकाने वाले अपराधी ने रची बोलेरो हड़पने की साजिश

Abhishek Dwivedi Fake PA Case : रीवा (20 फरवरी 2026): रीवा जिले के समान थाने में बोलेरो चोरी की शिकायत का मामला उस समय पलट गया जब पुलिस की जांच में कथित ‘पीड़ित’ ही असली जालसाज निकला। दरअसल, यह मामला किसी साधारण चोरी का नहीं, बल्कि तिहाड़ जेल से छूटे एक आदतन अपराधी द्वारा वाहन हड़पने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा था। आरोपी ने खुद को वाहन स्वामी बताते हुए पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे थे, लेकिन असली मालिक के दस्तावेजों ने सारा खेल बिगाड़ दिया।

क्या था मामला?

समान थाना क्षेत्र के बिलौहन टोला निवासी शैलेंद्र सिंह ने गुरुवार दोपहर थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मित्र अभिषेक द्विवेदी उर्फ शिब्बू की बोलेरो घर के बाहर से चोरी हो गई है। साक्ष्य के तौर पर घर के बाहर लगे सीसीटीवी की फुटेज भी दी गई। पुलिस ने जब गंभीरता से जांच शुरू की और वाहन के आरसी (RC) रिकॉर्ड खंगाले, तो पता चला कि बोलेरो (MP 17 CC 7837) के असली मालिक ग्राम भनिगवा निवासी जितेंद्र कुमार पांडे हैं।

अनुबंध खत्म, पर नीयत नहीं बदली

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अभिषेक उर्फ शिब्बू ने जितेंद्र पांडे से यह बोलेरो खरीदने के लिए 6 महीने का अनुबंध किया था। इस दौरान कुछ पैसों का लेनदेन हुआ, लेकिन अभिषेक ने पूरी राशि का भुगतान नहीं किया। अनुबंध खत्म होने के बाद शातिर अपराधी इस वाहन का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों के लिए करने लगा। जब असली मालिक जितेंद्र पांडे को इसकी भनक लगी, तो वे अभिषेक के घर पहुँचे और अपना वाहन वापस ले लिया, जिसकी सूचना उन्होंने अभिषेक को भी दी थी।

फर्जी पीए का ‘पुराना रिकॉर्ड’

हैरानी की बात यह है कि शिकायतकर्ता अभिषेक द्विवेदी वही अपराधी है जो पूर्व में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का फर्जी पीए बनकर लोगों को धमकाने के आरोप में जेल जा चुका है। तिहाड़ से छूटने के बाद उसने वाहन मालिक जितेंद्र पांडे को ही चोर साबित करने के लिए अपने ड्राइवर को थाने भेजकर झूठी शिकायत दर्ज करा दी। वह सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह कर वाहन हड़पना चाहता था।

पुलिस की सक्रियता से टली बड़ी वारदात

असली वाहन स्वामी जितेंद्र पांडे ने थाने पहुँचकर सभी वैध दस्तावेज पेश किए, जिसके बाद पुलिस ने चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस अब इस मामले में झूठी शिकायत दर्ज कराने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में अभिषेक द्विवेदी उर्फ शिब्बू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

बाइट (Byte): जितेंद्र पांडे, बोलेरो वाहन स्वामी

“अभिषेक ने वाहन खरीदने के नाम पर मुझसे अनुबंध किया था लेकिन पैसे नहीं दिए। अनुबंध खत्म होने के बाद जब मुझे पता चला कि वह गाड़ी का गलत इस्तेमाल कर रहा है, तो मैं अपनी गाड़ी वापस ले आया। उसने मुझे फंसाने और गाड़ी हड़पने के लिए यह झूठी कहानी रची है।”

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