निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : राजधानी भोपाल में एक एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका रोशनी का शव कोहेफिजा क्षेत्र स्थित एक पीजी में बाथरूम के पास मिला, जिसके नजदीक एसिड की खाली बोतल भी बरामद हुई। घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच शुरू कर दी है।
SIT का गठन, ACP करेंगी नेतृत्व
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई एसीपी अंकिता खातरकर कर रही हैं। टीम तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों की गहराई से पड़ताल कर रही है।

मोबाइल मैसेज बने जांच का अहम आधार
जांच के दौरान पुलिस को मृतका के मोबाइल से कई संदेश मिले हैं, जिनमें पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव का उल्लेख है। पुलिस इन संदेशों को प्रारंभिक तौर पर सुसाइड नोट मानकर जांच कर रही है। रिकवर किए गए डिलीट डेटा में यह भी सामने आया कि रोशनी ने कथित तौर पर मौत से कुछ घंटे पहले खुद को ही व्हाट्सएप पर संदेश भेजे थे।
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भावुक संदेशों ने बढ़ाई संवेदनशीलता
मैसेज में छात्रा ने लिखा कि नीट परीक्षा पास करने की खुशी तो मिली, लेकिन मेडिकल की पढ़ाई उससे भी ज्यादा कठिन लग रही है। साथ ही उसने अपने छोटे भाई को पढ़ाई जारी रखने की सलाह देते हुए भावुक शब्द लिखे। इन संदेशों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
तकनीकी जांच जारी, हर पहलू पर नजर
पुलिस ने मोबाइल नोट और डिजिटल साक्ष्यों को जब्त कर फॉरेंसिक विश्लेषण शुरू कर दिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण छिपा है।











