निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में एक प्रथम वर्ष की छात्रा का शव 10 फरवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। इसी मामले में देर रात पुलिस की कार्रवाई को लेकर छात्रों और पुलिस के बीच तीखा विवाद सामने आया है।
देर रात हॉस्टल पहुंची पुलिस पर उठे सवाल
छात्रों का आरोप है कि पुलिस रात करीब 12 बजे बिना वारंट के गर्ल्स हॉस्टल पहुंची और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। छात्रों ने यह भी कहा कि उस समय पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं, जिससे छात्राओं में असहजता और आक्रोश बढ़ गया।
बंद कमरे में पूछताछ का आरोप
कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रथम वर्ष की एक छात्रा से करीब एक घंटे तक बंद कमरे में पूछताछ की गई। इस दौरान प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों पर अभद्रता के आरोप
मामले में ADSP शालिनी दीक्षित पर भी छात्रों ने अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
घटना के बाद छात्र संगठनों और परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, छात्राओं की गोपनीयता और पुलिस प्रक्रिया को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों ही स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और आधिकारिक बयान से पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।











