Burhanpur Divyang Couple News : सिस्टम की संवेदनहीनता : बुरहानपुर में भीख मांगकर पेट पाल रहा दिव्यांग दंपत्ति, योजनाओं के नाम पर सिर्फ मिला आश्वासन

VIKASH KHALKHO

Burhanpur Divyang Couple News : बुरहानपुर/नेपानगर (10 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। नेपानगर विधानसभा के ग्राम बाकड़ी में रहने वाला एक ऐसा दिव्यांग दंपत्ति, जिसमें पत्नी पैरों से लाचार है और पति आँखों की रोशनी से वंचित, आज अपनी चार बेटियों के साथ दर-दर की ठोकरें खा रहा है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पहुँचे इस परिवार को कलेक्टर कार्यालय से भी मदद के बजाय ‘ई-केवाईसी’ का तकनीकी पाठ पढ़ाकर वापस भेज दिया गया।

भीख मांगकर पल रही हैं चार बेटियां

शारदा और उनके पति चेनु की स्थिति इतनी दयनीय है कि वे भीख मांगकर अपनी चार मासूम बेटियों का पेट भर रहे हैं। शारदा को नाममात्र की 600 रुपये दिव्यांग पेंशन मिलती है, लेकिन ‘लाड़ली बहना’ जैसी महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तकनीकी कारणों से उन तक नहीं पहुँचा। वहीं पति चेनु को आज तक न पेंशन मिली, न रहने को घर और न ही बेटियों को ‘लाड़ली लक्ष्मी’ योजना का फायदा मिला।

कलेक्ट्रेट में मानवता हुई शर्मसार

हैरानी की बात यह रही कि जिला मुख्यालय पहुँचने के बाद भी इस परिवार को प्रशासन की ओर से एक व्हीलचेयर तक नसीब नहीं हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि कैसे दो नन्हीं बेटियां अपने दिव्यांग पिता का हाथ थामे और माँ को सहारा देकर तपते हाईवे तक ले जा रही हैं। यह दृश्य सुशासन के दावों पर कड़ा प्रहार है।

अधिकारियों का ‘घिसा-पिटा’ तर्क

जब इस मामले में सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक दुर्गेश कुमार दुबे से सवाल किया गया, तो उन्होंने सारा दोष दिव्यांगों पर ही मढ़ दिया। उनका कहना था कि दंपत्ति का ई-केवाईसी नहीं हुआ है और वे विभाग द्वारा लगाए जाने वाले शिविरों में नहीं पहुँच पाते। सवाल यह उठता है कि जो दंपत्ति चलने और देखने में असमर्थ है, क्या विभाग की जिम्मेदारी उन तक पहुँचने की नहीं थी?

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल

क्षेत्र के विधायक स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं, बावजूद इसके उनके अपने ही क्षेत्र के आदिवासी दिव्यांग इस कदर उपेक्षित हैं। क्या कागजों में सिमटा ई-केवाईसी एक भूखे और लाचार परिवार की जिंदगी से बड़ा हो गया है? बुरहानपुर की ये तस्वीरें प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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