paddy purchase scam : रायपुर। जिला रायपुर के उरला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुम्हारी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में धान खरीदी के दौरान बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। समिति प्रभारी पर 104 बोरी धान की जगह 850 बोरी की फर्जी एंट्री कर शासन को करीब 7 लाख 6 हजार 909 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है। इस संबंध में उरला थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
paddy purchase scam : प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित कुम्हारी (पंजीयन क्रमांक 1383) में जनवरी 2025 से पदस्थ प्राधिकृत अधिकारी जागेश्वर प्रसाद वर्मा ने इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार समिति में ग्राम कुम्हारी, चिखली, पठारीडीह और कन्हेरा के किसानों से धान की खरीदी की जाती है।
paddy purchase scam : धान खरीदी के दौरान बोरी की गिनती, पावती बनाना और रजिस्टर में प्रविष्टि करने की जिम्मेदारी समिति प्रभारी कृष्णा साहू की थी, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा ऑनलाइन एंट्री कर किसानों के खातों में भुगतान किया जाता था।
paddy purchase scam : 20 जनवरी 2026 को कंप्यूटर ऑपरेटर और शासन द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी श्रृंखला शर्मा (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी) ने लिखित सूचना देकर समिति में 746 बोरी धान की हेराफेरी की जानकारी दी। इसके बाद 30 जनवरी 2026 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धरसींवा के प्रबंधक और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में समिति के दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई।
paddy purchase scam : जांच के दौरान धान खरीदी पंजी, कैश बुक, हमाली पंजी, टोकन पर्ची और तौल पत्रकों का मिलान किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि किसान आलोक शर्मा ने केवल 104 बोरी धान, जिसमें 28 बोरी मोटा धान और 76 बोरी सरना धान शामिल था, बिक्री के लिए लाया था। इसके बावजूद समिति प्रभारी द्वारा रिकॉर्ड में 850 बोरी धान की फर्जी एंट्री कर दी गई।
paddy purchase scam : इस फर्जी एंट्री के आधार पर किसान के खाते में 7,06,909.60 रुपये की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी गई, जिससे समिति को 850 बोरी धान और सात लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई।
paddy purchase scam : किसान आलोक शर्मा ने अपने लिखित बयान में बताया कि उसने केवल 104 बोरी धान ही बेचा था और यदि उसके खाते में अतिरिक्त राशि आई है तो वह उसे लौटाने के लिए तैयार है। समिति के कर्मचारियों और हमालों के बयान भी हेराफेरी की पुष्टि करते हैं।पूछताछ के दौरान आरोपित समिति प्रभारी कृष्णा साहू ने भी स्वीकार किया कि उससे 104 बोरी की जगह 850 बोरी की पावती दर्ज हो गई।
paddy purchase scam : उरला थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 337, 338, 339 और 340 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मामले की जांच उप निरीक्षक रामनाथ चंद्रवंशी को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार धान खरीदी प्रक्रिया से जुड़े अन्य कर्मचारियों और बैंक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।











