Saturday, August 22, 2026
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Good Governance Week : राजनांदगांव में ‘प्रशासन गांव की ओर’, पूर्व कलेक्टर अशोक अग्रवाल ने साझा किए अनुभव

Good Governance Week : राजनांदगांव (हेमंत वर्मा)। ‘सुशासन सप्ताह’ के उपलक्ष्य में ‘प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एक विशेष गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिले के पूर्व कलेक्टर अशोक अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और वर्तमान प्रशासनिक टीम का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राजनांदगांव जिले की सफलता का मूल मंत्र हमेशा से ‘टीम वर्क’ और ‘जनसहभागिता’ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने से ही आम जनता का शासन के प्रति भरोसा मजबूत होता है।

पूर्व कलेक्टर श्री अग्रवाल ने राजनांदगांव में वर्तमान में संचालित ‘पोट्ठ लईका’ पहल और ‘मिशन जल रक्षा’ जैसे अभियानों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से जिले को जल संचय के क्षेत्र में मिले राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए कलेक्टर जितेंद्र यादव और जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए जिले में लागू की गई ‘त्रिनेत्र योजना’ और धान खरीदी की व्यवस्थाएं प्रशंसनीय हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी योजनाओं की जानकारी पोर्टल पर लगातार अपडेट की जाए, जिससे सूचना के अधिकार (RTI) के आवेदनों में कमी आएगी और जनता का समय बचेगा।

Good Governance Week : कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वर्तमान कलेक्टर जितेंद्र यादव ने पूर्व कलेक्टर के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर शिविरों के माध्यम से समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। कलेक्टर ने जिले की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजनांदगांव आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि कुपोषण मुक्त जिले के संकल्प के साथ ‘पोट्ठ लईका’ अभियान के तहत बच्चों के स्वास्थ्य और आहार की सघन मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही नजर आएंगे।

कलेक्टर यादव ने ‘मिशन जल रक्षा’ की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि इस अभियान से एक लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि डोंगरगढ़ जैसा क्षेत्र अब ‘सेमी क्रिटिकल’ वॉटर जोन की श्रेणी से बाहर आ गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना में तकनीक के उपयोग से निर्माण कार्यों में अभूतपूर्व गति आई है। प्रशासन अब हाईरिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की डोर-टू-डोर मॉनिटरिंग कर रहा है और रबी सीजन में किसानों को धान के बदले अन्य फसलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

Good Governance Week : जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने ‘प्रशासन गांव की ओर’ अभियान की प्रगति रिपोर्ट साझा की। उन्होंने बताया कि अब तक जिला एवं विकासखंड स्तर पर 18 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन और राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि आवेदनों के निराकरण के मामले में राजनांदगांव जिला पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। डिजिटल लेन-देन और ई-केवाईसी के माध्यम से ग्राम पंचायतों में कर संग्रहण और मजदूरी भुगतान को पारदर्शी बनाया गया है।

समारोह के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सी.एल. मारकण्डेय, प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा सहित जिले के सभी वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। यह सुशासन सप्ताह जिले के विकास और प्रशासनिक सक्रियता के लिए एक नई प्रेरणा लेकर आया है।

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