Power supply records : भोपाल: मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रविवार को एक महत्वपूर्ण पत्रकारवार्ता में ऊर्जा विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। मंत्री तोमर ने गर्व के साथ बताया कि मध्यप्रदेश अब एक बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है, जिसकी कुल अनुबंधित क्षमता 25,081 मेगावॉट तक पहुँच गई है। उन्होंने जानकारी दी कि 12 दिसंबर 2025 को राज्य ने अपने इतिहास की सर्वाधिक 19,113 मेगावॉट की बिजली मांग को बिना किसी कटौती के सफलतापूर्वक पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
Power supply records : उपभोक्ताओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगवाना अब फायदे का सौदा साबित होगा। सरकार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि में सस्ती बिजली का लाभ सीधे उपभोक्ताओं को दे रही है। इस समय सीमा में होने वाली खपत पर उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 20 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही, लगभग 1 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट की खपत पर मात्र 100 रुपये का बिल दिया जा रहा है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
Power supply records : किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति और जनजाति के 5 एचपी पंप वाले लघु कृषकों (1 हेक्टेयर तक) को निःशुल्क बिजली दी जा रही है। अन्य किसानों को भी कुल देयक का मात्र 7 प्रतिशत हिस्सा दो किश्तों में चुकाना होता है। कुल मिलाकर, राज्य सरकार प्रतिवर्ष घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को 26,000 करोड़ रुपये और उद्योगों को 2,000 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी दे रही है।
Power supply records : रोजगार के क्षेत्र में भी ऊर्जा विभाग ने बड़े कदम उठाए हैं। मंत्री तोमर ने घोषणा की कि बिजली कंपनियों में 50,000 से अधिक नियमित पदों के सृजन की स्वीकृति दे दी गई है, जिससे युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के द्वार खुलेंगे। विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार हेतु ‘जन संवाद’ और ‘चौपाल’ कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, ताकि सीधे जनता से उनकी समस्याओं का फीडबैक लिया जा सके।
Power supply records : अंत में, मंत्री ने बढ़ते बकाया राजस्व पर चिंता भी व्यक्त की। वर्तमान में उपभोक्ताओं पर 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है। इसके समाधान के लिए सरकार ‘समाधान योजना’ लेकर आई है, जिसके तहत मूल राशि जमा करने पर विलंब अधिभार (सरचार्ज) माफ कर दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सारणी और चचाई में 660-660 मेगावॉट के दो नए प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।









