Anganwadi mismanagement : कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट ने खोली पोल : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी कुव्यवस्था पर मुख्य सचिव को दिया नया निर्देश

VIKASH KHALKHO
CG NEWS

Anganwadi mismanagement : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने इन केंद्रों की व्यवस्था सुधारने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी के साथ मुख्य सचिव को एक नया शपथ पत्र (Affidavit) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को निर्धारित की गई है।2378 Anganwadis operated in private and government buildings will be  shifted to the nearest school | पहल: निजी और सरकारी भवन में संचालित 2378  आंगनबाड़ी नजदीकी स्कूल में होंगे शिफ्ट - Purnia ...

कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट के बाद सख्त हुआ रुख

हाईकोर्ट का यह सख्त रुख कोर्ट कमिश्नरों द्वारा प्रस्तुत की गई चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद सामने आया है। दरअसल, आंगनबाड़ी केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्था, विशेषकर मध्यान्ह भोजन (Mid-day Meal) की गुणवत्ता में लापरवाही को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, हाईकोर्ट ने 28 अक्टूबर 2025 को दो कोर्ट कमिश्नर— अमियकांत तिवारी और ईशान वर्मा— को बिलासपुर और रायगढ़ जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण करने का दायित्व सौंपा था।

Anganwadi mismanagement : भोजन की गुणवत्ता में गंभीर खामियां

कोर्ट कमिश्नरों ने निरीक्षण के बाद जो रिपोर्ट प्रस्तुत की, उसमें दोनों ही जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में गंभीर खामियां पाई गईं। बिलासपुर की रिपोर्ट के अनुसार, मंगला स्थित आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए तैयार किए गए भोजन की गुणवत्ता खराब पाई गई। निरीक्षण में यह बात सामने आई कि भोजन आपूर्ति का काम भले ही पुराने समूह ‘कल्याणी स्व सहायता समूह’ से लेकर ‘पहल स्वयं सेवी संस्थान’ को दे दिया गया था, लेकिन सेंट्रल किचन में खाना बनने के बावजूद बच्चों को खाना परोसने का काम अभी भी कल्याणी स्व सहायता समूह के ही पुराने कर्मचारी कर रहे थे, जो व्यवस्था में बड़े घालमेल की ओर इशारा करता है।2378 Anganwadis operated in private and government buildings will be  shifted to the nearest school | पहल: निजी और सरकारी भवन में संचालित 2378  आंगनबाड़ी नजदीकी स्कूल में होंगे शिफ्ट - Purnia ...

रायगढ़ में भी मिलीं अव्यवस्थाएँ

सिर्फ बिलासपुर ही नहीं, रायगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कोर्ट कमिश्नरों ने बड़ी अव्यवस्थाएँ मिलने की ओर हाईकोर्ट का ध्यान आकृष्ट किया। इन गंभीर अनियमितताओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर लापरवाही को देखते हुए, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया।

Anganwadi mismanagement : मुख्य सचिव से मांगा विस्तृत शपथ पत्र

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली को दूर करने के लिए राज्य द्वारा अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं, और भविष्य में क्या योजना है, इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए न्यायालय में नया शपथ पत्र प्रस्तुत करें। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि वह बच्चों के पोषण और शिक्षा से जुड़े इन केंद्रों की स्थिति को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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