case of hurting religious sentiments : टीकमगढ़। जिले में धार्मिक भावनाओं को आहत करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां कुछ युवकों ने कबीर पंथ के आगामी भंडारे का पोस्टर न केवल फाड़ दिया, बल्कि उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी के साथ अपलोड किया और पंथ के अनुयायियों को जान से मारने की धमकी भी दी।
case of hurting religious sentiments : पोस्टर फाड़कर सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी
यह घटना टीकमगढ़ शहर के अस्पताल चौराहे पर हुई, जहां यथार्थ कबीर पंथ द्वारा आगामी राष्ट्रीय समागम भंडारे का पोस्टर लगाया गया था।
घटनाक्रम: 27 नवंबर 2025 को नीलेश उटमालिया और उसके कुछ सहयोगियों ने कथित रूप से इस पोस्टर को फाड़ दिया और उसे लातों से कुचलकर घटना का वीडियो अपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड कर दिया।
अभद्र भाषा: वायरल वीडियो में आरोपी न केवल पोस्टर फाड़ने की हरकत कर रहे थे, बल्कि उन्होंने कबीर पंथ, उसके अनुयायियों और पंथ के गुरुदेव के प्रति भी अत्यंत अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
जान से मारने की धमकी: शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि वीडियो में उन्हें घर में घुसकर जान से मारने की धमकी तक दी गई थी।
case of hurting religious sentiments : सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म छोड़ने की बात
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब पं. सुरेश श्रोति नामक एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कबीर पंथ के अनुयायियों से अपने दस्तावेजों में स्वयं को ईसाई, मुसलमान या रामपाली लिखवाने और हिंदू धर्म छोड़ने तक की बात कही।
case of hurting religious sentiments : अनुयायियों ने सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
इन घटनाओं से आहत पंथ के हजारों अनुयायियों ने आज जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को शिकायती आवेदन सौंपा है।
मांग: अनुयायियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
चेतावनी: पंथ अनुयायियों ने जिला प्रशासन को यह चेतावनी भी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं करता है, तो वे उग्र आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल, पुलिस और जिला प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुट गए हैं। जिला प्रशासन ने पंथ के अनुयायियों को आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

