Tuesday, September 1, 2026
Home Chhattisgarh Chhattisgarh Rajyotsav 2025 : राज्योत्सव 2025 में सुरों का संगम : आदित्य...

Chhattisgarh Rajyotsav 2025 : राज्योत्सव 2025 में सुरों का संगम : आदित्य नारायण संग छत्तीसगढ़ी लोकधुनों ने सजाई यादगार शाम…

Chhattisgarh Rajyotsav 2025
Chhattisgarh Rajyotsav 2025

Chhattisgarh Rajyotsav 2025 : रायपुर, 2 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित राज्योत्सव की शाम रविवार को संगीत, लोककला और उमंग के रंगों से सराबोर रही। “सुरमई शाम” शीर्षक से सजी इस सांस्कृतिक संध्या में एक ओर जहां छत्तीसगढ़ की परंपरागत लोकधुनों की मिठास गूंजी, वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड के गीतों की झंकार ने मंच को जीवंत बना दिया।

Chhattisgarh Rajyotsav 2025 : कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोकगायक सुनील तिवारी की प्रस्तुति से हुई। ‘मोर भाखा के संग दया मया के सुघ्घर हवे मिलाप रे’ और ‘अइसन छत्तीसगढ़िया भाखा कौनो संग’ जैसे गीतों ने दर्शकों को माटी की खुशबू में डूबो दिया। राऊत, राजगीत, ददरिया, सोहर और पंथी जैसे लोकसंगीत की श्रेणियों से सजे इस प्रदर्शन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपरा को एक बार फिर मंच पर जीवित कर दिया।

READ MORE : Chhattisgarh Rajyotsav 2025 : 30 IPS और एंटी-ड्रोन टीम के घेरे में राजधानी, 1 नवंबर को PM मोदी करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ…सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम…

इसके बाद मंच पर उतरीं जयश्री नायर और मेघा ताम्रकार की जोड़ी — ‘चिन्हारी: द गर्ल बैंड’, जिन्होंने लोकसंगीत और आधुनिकता के अद्भुत मेल से माहौल को जोश से भर दिया। बैंड की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि परंपरा को आधुनिकता के साथ जोड़ना ही छत्तीसगढ़ की नई पहचान है।

सांस्कृतिक संध्या का शिखर क्षण तब आया जब बॉलीवुड के मशहूर गायक आदित्य नारायण मंच पर उतरे। उनकी प्रस्तुति ने मानो पूरा पंडाल झूमने पर मजबूर कर दिया। “पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा”, “पहला नशा”, “बिन तेरे सनम”, “केशरिया इश्क है तेरा” और “मैं निकला गड्डी लेके” जैसे हिट गीतों से उन्होंने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आदित्य की जीवंत अभिव्यक्ति, मुस्कान और संवाद शैली ने इस प्रस्तुति को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम के समापन में पद्मश्री डोमार सिंह कंवर की नाचा शैली की प्रस्तुति ने परंपरा और लोककला की आत्मा को मंच पर उतार दिया। उनके अभिनय और हावभाव ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की जीवंत सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई।

READ MORE : Chhattisgarh postal circle : 6 माह के कार्यकाल के बाद सीपीएमजी सुवेन्दु स्वाईं का तबादला, अब संभालेंगे भारतीय डाक बोर्ड में नई जिम्मेदारी

राज्योत्सव 2025 की यह शाम केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव बन गई — जहां लोकधुनों की मिठास, आधुनिक संगीत की ऊर्जा और बॉलीवुड की चमक एक ही मंच पर समाहित हुई। दर्शकों की तालियों की गूंज देर रात तक गूंजती रही।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here