Saturday, August 15, 2026
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Narak Chaturdashi 2025 : नरक चतुर्दशी आज, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और दीपक जलाने का सही तरीका…

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Narak Chaturdashi 2025
Narak Chaturdashi 2025

Narak Chaturdashi 2025 : रविवार, 19 अक्टूबर 2025 | दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली, जिसे नरक चतुर्दशी, रूप चौदस या काली चौदस भी कहा जाता है, आज रविवार को मनाई जा रही है। इस दिन का महत्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध कर 16,100 महिलाओं को मुक्त किया था।

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Narak Chaturdashi 2025 : छोटी दिवाली के दिन भगवान कृष्ण, हनुमान जी और यमराज की पूजा का विधान है। इस दिन सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके लिए तिल का तेल लगाकर स्नान करने से शारीरिक सुंदरता बढ़ती है और भगवान कृष्ण की कृपा मिलती है।

छोटी दिवाली 2025 शुभ मुहूर्त:

  • चतुर्दशी तिथि शुरू: 19 अक्टूबर दोपहर 1:53 बजे

  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 20 अक्टूबर दोपहर 3:46 बजे

  • पूजा का शुभ समय: 19 अक्टूबर शाम 5:47 बजे से

  • अभ्यंग स्नान: सुबह 5:12 से 6:25 बजे तक

पूजा विधि और मंत्र:

  1. घर और पूजा स्थल की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें।

  2. सूर्य देव को अर्घ्य दें।

  3. भगवान गणेश, मां दुर्गा, शिव, विष्णु और सूर्यदेव की स्थापना कर पूजन करें।

  4. हनुमान जी और भगवान कृष्ण की पूजा विशेष रूप से करें।

  5. भोग में बेसन और बूंदी के लड्डू अर्पित करें।

  6. यमराज के निमित्त घर के मुख्य द्वार से बाहर तेल का दीपक जलाएं, दक्षिण दिशा की ओर रखें और प्रार्थना करें कि अकाल मृत्यु और नरक के भय से मुक्ति मिले।

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नरक चतुर्दशी मंत्र:

  • भगवान विष्णु: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

  • हनुमान जी: ॐ हं हनुमते नमः

  • यमराज दीपदान: मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह। त्रयोदशी दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥

  • अभ्यंग स्नान: अभ्यंगं कुर्वे प्रात: नरकप्राप्तये सदा। दामोदरप्रीतये च स्नानं में भवतु सिद्धिदम्।

दीपक जलाने की परंपरा:
छोटी दिवाली पर कुल 14 दीपक जलाने का विधान है। इसमें यम देवता, मां काली और भगवान श्री कृष्ण के लिए दीपक शामिल होते हैं। शेष दीपक घर की अलग-अलग जगह जैसे मुख्य द्वार, रसोई, तुलसी के पास और छत पर जलाना शुभ माना जाता है।

छोटी और बड़ी दिवाली में अंतर:

  • छोटी दिवाली: कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है, नरकासुर वध के लिए प्रसिद्ध।

  • बड़ी दिवाली: कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है, जब भगवान राम 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे।

छोटी दिवाली पर पूजा और दीपदान करने से नरक के भय और बुराई से मुक्ति मिलती है, और यह घर में समृद्धि, सुख और सौंदर्य लाने वाला दिन माना जाता है।

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