Monday, August 17, 2026
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Godavari Steel : हीरा ग्रुप के गोदावरी इस्पात में श्रम विभाग का बड़ा एक्शन, पैलेट प्लांट सील, सुरक्षा के नाम पर दिखावा, कैसे हुआ दर्दनाक हादसा? जिम्मेदार कौन

Godavari Steel
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Godavari Steel : रायपुर/सिलतरा: छत्तीसगढ़ के सिलतरा स्थित हीरा ग्रुप के गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड के 1.8 MTPA पैलेट प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे के बाद राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग, श्रम विभाग ने फैक्ट्री एक्ट, 1948 के उल्लंघन और गंभीर दुर्घटना को आधार बनाकर तत्काल प्रभाव से इस प्लांट के संचालन पर रोक लगा दी है।

 

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Godavari Steel : अब यह संयंत्र तब तक बंद रहेगा जब तक कि कंपनी सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक मानकों और व्यवस्थाओं को पूरा नहीं कर लेती। यह आदेश राज्य सरकार ने श्रमिकों की सुरक्षा और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की मंशा से जारी किया है।

Godavari Steel : हादसे की पूरी पड़ताल: कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?

Godavari Steel : यह घटना 26 सितंबर 2025 को उस समय हुई जब ट्रेवलिंग ग्रेट बिल्डिंग के फर्नेस चेम्बर पीएम-02 में मेंटेनेंस का काम चल रहा था। अचानक एक भारी कास्टेबल वॉल और एक्रेशन गिर गया, जिससे मौके पर ही 6 कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो गई और 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

Godavari Steel : घायलों का इलाज रायपुर के श्री नारायणा हॉस्पिटल में चल रहा है। यह दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि पूरे उद्योग क्षेत्र में सनसनी फैल गई और सवाल उठने लगे कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था?

 

Godavari Steel : विभागीय जांच के बाद प्लांट सीज

Godavari Steel : हादसे की जानकारी मिलते ही विभागीय अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, खासतौर पर सुरक्षा मानकों को लेकर। इसी के आधार पर फैसला लिया गया कि जब तक फैक्ट्री सभी सुरक्षा उपायों को लागू नहीं कर देती, पैलेट प्लांट को सीज कर दिया गया है।

Godavari Steel : कारखाना अधिनियम के तहत फैक्ट्री को निर्देश दिए गए हैं कि वह श्रमिकों की स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण संबंधी सभी प्रावधानों का सख्ती से पालन करे।

Godavari Steel : कंपनी की सफाई और मुआवजा

Godavari Steel : हादसे के बाद कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को 46 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। साथ ही हर परिवार से एक सदस्य को योग्यतानुसार स्थायी रोजगार देने का वादा किया गया है। जिन परिवारों में कोई सदस्य रोजगार के योग्य नहीं है, वहां सहानुभूति पूर्वक पेंशन योजना पर विचार किया जाएगा, जिसमें कुछ मामलों में 62 वर्ष की उम्र तक पेंशन दी जा सकती है।

 

Godavari Steel : पुलिस की पूछताछ और प्रबंधन की जिम्मेदारी तय होगी

Godavari Steel : पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस जारी कर दिया है और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कंपनी पर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप है, जिसके चलते इतने लोगों की जान चली गई।

 

Godavari Steel : श्रमिकों का आरोप: सुरक्षा के नाम पर दिखावा

Godavari Steel : प्लांट में काम करने वाले श्रमिकों का कहना है कि यहां हजारों मजदूर कार्यरत हैं लेकिन सुरक्षा इंतजाम बेहद लचर हैं। भारी मशीनों और खतरनाक फर्नेस के पास काम करने वाले मजदूरों को उचित सुरक्षा उपकरण नहीं मिलते। एक मजदूर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पैलेट ठंडा होने के बाद साफ करने की प्रक्रिया को जल्दी निपटाने के लिए कर्मचारियों पर दबाव डाला जाता है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं।

 

Godavari Steel : राज्य सरकार और श्रम विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। प्लांट के दोबारा शुरू होने से पहले सभी सुरक्षा मापदंडों की गहन जांच और निरीक्षण किया जाएगा।मुख्य सवाल यह है कि क्या फैक्ट्री प्रबंधन सच्चे अर्थों में सुरक्षा सुनिश्चित करेगा या फिर यह कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगी?

 

Godavari Steel : गोदावरी इस्पात लिमिटेड में हुई यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि उद्योगों में सुरक्षा को लेकर गंभीर चूकें हो रही हैं। सरकार की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकेंगी? अब सबकी निगाहें सरकार, प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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