उज्जैन। नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में 369.11 करोड़ रुपए की लागत से 11 प्रमुख निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का विस्तार किया जाएगा और सिंहस्थ 2028 के लिए शहर को पूरी तरह से आधुनिक और सुविधायुक्त बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में देश-दुनिया भारतीय संस्कृति के वैभव को देखेगी। इसके लिए पहले ही 2675 करोड़ रुपए की लागत से 33 प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नए घाट बनेंगे, पुराने घाटों का उन्नयन होगा और 24 घंटे में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की इच्छानुसार सभी कार्य किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्राउड मैनेजमेंट, शहर की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी के तहत क्षिप्रा नदी पर 77 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से चार नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में ये पुल उज्जैन की मोक्षदायिनी क्षिप्रा मैया पुलों के नाम से जाने जाएंगे।
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नवीन प्रशासनिक भवन का भूमिपूजन भी नवरात्रि के दिन किया गया। उज्जैन जिले का नया 7 मंजिला संयुक्त प्रशासनिक भवन लगभग 135 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा और यह लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। इसके साथ ही अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवनों का निर्माण, शहर के प्रमुख मार्गों पर विश्राम गृह, केंद्रीय जेल और सिविल अस्पताल के उन्नयन जैसे कार्य भी भूमिपूजन के अंतर्गत शामिल रहे।
इसके अलावा, मार्ग सुधार और पुल निर्माण कार्यों में कुल 77.05 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। नए पुलों और घाटों से शहर के यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं से किसानों को भी लाभ मिलेगा और उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के अन्य जिलों में भी विकास के कार्य हो रहे हैं।
भूमिपूजन कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत कन्याओं के पूजन और दीप दीपन से की।
उज्जैन में ये विकास कार्य शहर की छवि बदलने और सिंहस्थ 2028 को यादगार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।











