Saturday, August 22, 2026
Home Religious नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पाठ : पाप और संकट से मुक्ति का...

नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पाठ : पाप और संकट से मुक्ति का सबसे शक्तिशाली उपाय

नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पाठ
नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पाठ

नई दिल्ली। नवरात्रि के पावन अवसर पर दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से जीवन में पाप, भय और संकट दूर होते हैं। इसे चंडी पाठ भी कहा जाता है और यह हिंदू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथों में से एक है। मार्कण्डेय पुराण का हिस्सा होने के कारण इसमें मां दुर्गा के पराक्रम, महिमा और असुरों पर विजय का वर्णन मिलता है।

मान्यता है कि नवरात्रि में प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मां दुर्गा की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है और जीवन की समस्त बाधाएँ दूर होती हैं। इस पाठ के कई लाभ बताए गए हैं:

  • पापों का नाश: जन्म-जन्मांतर के पाप कटते हैं और मन शांत होता है।

  • भय और संकट से मुक्ति: शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।

  • धन-समृद्धि की प्राप्ति: घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

  • स्वास्थ्य लाभ: मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

  • आध्यात्मिक उन्नति: भक्ति, श्रद्धा और आत्मबल मजबूत होता है।

पाठ करने की विधि:
नवरात्रि में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और अगरबत्ती जलाकर श्रद्धा से पाठ करें। पूरा पाठ एक बार में करना सर्वोत्तम है, लेकिन समयाभाव में इसे सात या नौ दिनों में विभाजित भी किया जा सकता है।

दुर्गा सप्तशती का नियमित पाठ न केवल आध्यात्मिक लाभ देता है बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव और संकटों से मुक्ति का मार्ग भी खोलता है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here