पत्रकार को कुचलने का प्रयास – अब पुलिस की ग़िरफ़्त में, जानें पूरा मामला

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अब पुलिस की ग़िरफ़्त में, जानें पूरा मामला

रायपुर, 14 अप्रैल 2025 – राजधानी रायपुर में एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा और पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है, जहां ‘JNR कैटरर्स’ के संचालक और इंस्टाग्राम ब्लॉगर अजय महापात्र (Instagram ID: गरम मसाला 420) ने शराब के नशे में पत्रकार को अपनी कार से कुचलने की कोशिश की। आरोप है कि अजय महापात्र, नीले रंग की स्विफ्ट डिजायर (MP 18 CA 0965) से नशे की हालत में पत्रकार के पास पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। तेलीबांधा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को वीआईपी चौक से गिरफ्तार किया और थाने लाया गया।

पुलिस पर दबाव, समझौता और फिर धमकी
हालांकि, घटनाक्रम यहीं नहीं रुका। सूत्रों के मुताबिक, थाने में पहुंचने के बाद राजनीतिक और सामाजिक रसूखदारों के दबाव में पुलिस ने पीड़ित पत्रकार से समझौता करवा दिया। लेकिन अगले ही दिन अजय महापात्र ने पत्रकार को फिर से फोन कर जान से मारने की धमकी दे डाली। इससे क्षुब्ध होकर पत्रकार ने पहले किए गए समझौते को रद्द कराया और थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। पुलिस ने दोबारा हरकत में आते हुए मोबाइल ट्रेस किया और आरोपी को फिर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

पहले भी विवादों में रहा है अजय महापात्र
यह कोई पहली बार नहीं है जब अजय महापात्र कानून की पकड़ में आया हो। इससे पहले भी वह रायपुर के एक क्लब में हुए विवाद में शामिल रहा है, जहां एक युवती को लेकर हुए झगड़े में वह नशे की हालत में हंगामा करता पाया गया था। क्लब से निकाले जाने पर उसने हाईवे पर खुलेआम मारपीट शुरू कर दी थी। यह मामला भी खूब सुर्खियों में रहा था और आरोपी को जेल भेजा गया था।

दबंगई और कानून की अवहेलना
लगातार सामने आ रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अजय महापात्र एक आदतन अपराधी मानसिकता का व्यक्ति है, जो रसूख और शराब के नशे में पुलिस व्यवस्था को भी ठेंगा दिखाता है। आम नागरिकों और पत्रकारों की सुरक्षा पर उसका सीधा खतरा बना हुआ है।

इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, यह भी मांग उठी है कि ऐसे व्यक्तियों को राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण प्रदान करने वालों की भी जांच होनी चाहिए।

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