Saturday, August 22, 2026
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Chhattisgarh Electricity Tariff : छत्तीसगढ़ में बिजली सस्ती नहीं हुई, लेकिन झटका भी नहीं लगा – जानिए क्यों

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Chhattisgarh Electricity Tariff  : रायपुर। छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा कर दी है। इस बार औसतन केवल 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो बीते वर्षों की तुलना में सबसे कम मानी जा रही है। बिजली दरों में संशोधन से पहले जनसुनवाई की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसमें आम उपभोक्ताओं, उद्योगपतियों और ऊर्जा विशेषज्ञों ने अपनी राय दी। उन्हीं सुझावों के आधार पर संशोधित दरें तय की गईं।

घरेलू उपभोक्ताओं को मामूली राहत

  • घरेलू बिजली दरों में सिर्फ 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की मामूली बढ़ोतरी की गई है।
  • इस वृद्धि से आम जनता पर कोई बड़ा आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
  • राज्य सरकार की सब्सिडी योजना पहले की तरह जारी रहेगी।

कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी का संरक्षण

  • कृषि कार्यों में प्रयुक्त पंपों के लिए बिजली दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
  • यह अतिरिक्त राशि सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी, जिससे किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
  • योजना का उद्देश्य किसानों को निरंतर, सस्ती और सुलभ बिजली उपलब्ध कराना है।

उद्योगों को राहत: प्रतिस्पर्धा में बढ़त

  • राज्य सरकार ने ऊर्जा-गहन उद्योगों को राहत देते हुए बिजली दरों में कटौती की है।
  • मिनी स्टील प्लांट, रोलिंग मिल्स और फेरो एलॉय जैसे उद्योगों की उत्पादन लागत कम होगी।
  • इससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।

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बिजली आपूर्ति की स्थिति

  • शहरी क्षेत्रों में औसतन 23.85 घंटे प्रतिदिन बिजली आपूर्ति हो रही है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 23.45 घंटे प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
  • कृषि फीडरों को 18 घंटे प्रतिदिन बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो कई राज्यों से बेहतर है।

AT&C Loss में भारी गिरावट

  • 2020-21 में AT&C (Aggregate Technical and Commercial) Loss 23.14 प्रतिशत था।
  • इसे घटाकर 2024-25 में 13.79 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • यह संकेत है कि राज्य की बिजली आपूर्ति प्रणाली अधिक कुशल और पारदर्शी हो गई है।

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बिजली अधोसंरचना पर निवेश

  • राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र के विभिन्न उपक्रमों के लिए बड़ी धनराशि का आवंटन किया है:
  • ट्रांसमिशन कंपनी को ₹2433 करोड़
  • डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को ₹3977 करोड़
  • जनरेशन कंपनी को ₹2992 करोड़

इस निवेश से ट्रांसफॉर्मर, लाइनें और सब-स्टेशन जैसी बुनियादी संरचनाएं मजबूत होंगी और भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

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